यह न क्रान्ति है, न परिवर्तन – कॅंवल भारती (Kanwal Bharti)
चार राज्यों के चुनाव-परिणामों पर मुझे कुछ नहीं लिखना था, क्योंकि इन चुनावों ने अपने परिणामों का आभास पहले ही करा दिया था। मैं क्या पूरा देश जानता था कि क्या होने वाला है? कारण साफ था कि जनता के सामने कोई विकल्प नहीं था। काॅंग्रेस को हारना ही था, क्योंकि उसका टिकट-वितरण भी गलत था। उसने राजस्थान में बलात्कारियों और अपराधियों के परिजनों को … Continue reading यह न क्रान्ति है, न परिवर्तन – कॅंवल भारती (Kanwal Bharti)