नाउम्मीदी के बीच उम्मीद की एक किरण: वुस्तुल्लाह ख़ान
जब जूते ख़रीदने के भी पैसे न हों और कोई हाशिम ख़ान स्क्वॉश के मैदान पर झंडे गाड़ दे और फिर अगले 52 वर्षों तक उनका परिवार यह झंडा न गिरने दे. जब करोड़ो महिलाएँ अभी केवल सपने में ही विमान उड़ाने का जोखिम कर सकें और कोई शुक्रिया ख़ानम विमान उड़ाने लगे और वह भी आज से 53 वर्ष पहले. जब 80 प्रतिशत महिलाएँ … Continue reading नाउम्मीदी के बीच उम्मीद की एक किरण: वुस्तुल्लाह ख़ान