मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire

मैंने तेरा खत पढ़ा और रहा में चुप खड़ा तू आया रोया मर गया तू लड़ गया सूली चढ़ा सितारों की तू धुल था तू जंगलों का फूल था मैं सदियों का फंसा हुआ मैं सदियों का धंसा हुआ सड़ा हुआ सही मगर मेरा भी एक उसूल था विज्ञान मेरी जेब में और ज्ञान मेरे सर चढ़ा वो तुझको ना बचा सका जो कुछ भी … Continue reading मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire

We must replace the constitution with his suicide note – Akhu Chingangbam

  A fascist university, A body hanged in the dormitory A saffronised country Writing the same old history In favour of casteism Killing Muslims, Dalits Yesterday they killed a Dalit His name was Rohith We must replace the constitution With his suicide note.   Continue reading We must replace the constitution with his suicide note – Akhu Chingangbam

मेरी माँ का इतिहास

1. मेरी माँ बताती है मेरे पूर्वज डांगर खाते थे. और बड़ी जातियों के विवाह में बचा बासी भोजन माँ ने बताया हमारे रिश्तेदारों के घर या तो दक्षिण में थे या उत्तर में आज भी उनके घर कमोबेश उसी दिशा में होते हैं मेरा भी घर गावं के दक्खिन ही है. 2. पता पूछने पर न चाहते हुए भी लोग जान जाते हैं हमारी … Continue reading मेरी माँ का इतिहास

School Going Dalit Girls raped by Upper caste goons- Press Release

      New Delhi, 11 May 2014:  Hundreds of women, children and men from Bhagana village of Hisar, Haryana were joined by as many activists, students, writers, artists and others from Delhi in leading a warning protest under the banner of BHAGANA KAAND SANGHARSH SAMITI against Bhupinder Singh Hudda, the Haryana Chief Minister, seeking justice for the four school-going Dalit girls who were kidnapped and … Continue reading School Going Dalit Girls raped by Upper caste goons- Press Release

Odisha: Dalit Woman Raped, One Arrested

A 25-year-old dalit woman, mother of two children, was raped at Patalipanka village in Marshaghai police station of Odisha’s Kendrapara district. The accused who has been arrested committed the sexual assault by trespassing into the house and after tying the victim last night, police said. The offence was committed in the absence of male members of the family, the police said. “The accused Jayaram Mallick … Continue reading Odisha: Dalit Woman Raped, One Arrested

ओमप्रकाश वाल्मीकि का होना – कँवल भारती (Kanwal Bharti)

कवि-कथाकार ओमप्रकाश वाल्मीकि का नाम हिन्दी दलित साहित्य आन्दोलन में अग्रणीय प्रतिष्ठापकों में लिया जाता है. वे सिर्फ एक लेखक भर नहीं हैं, बल्कि दलित साहित्य का एक जीवंत इतिहास है. वे हमारे दलित आन्दोलन के शुरूआती दौर के सक्रिय और जुझारू साथी हैं. हम दोनों ने लगभग एक ही समय 1970 के आसपास दलित साहित्य लिखना शुरू किया था. कानपूर के आर. कमल के … Continue reading ओमप्रकाश वाल्मीकि का होना – कँवल भारती (Kanwal Bharti)

मोदी की जीत के मायने – कँवल भारती (Kanwal Bharti)

यदि आरएसएस और कॉरपोरेट का ‘मोदी-उन्माद’ सफल हो गया, तो किस तरह के हालात देश में पैदा हो सकते हैं, इसकी कल्पना हम उस कालखंड (1999) से कर सकते हैं, जिसमें अटलबिहारी बाजपेयी प्रधानमंत्री थे. तब आरएसएस अपने पूरे प्रभाव में था और उसकी हिंदुत्व-रक्षक सारी भुजाओं को खुली छूट मिली हुई थी. इन हिन्दू वाहिनियों ने अपने मिशन की शुरुआत की थी आदिवासी इलाकों … Continue reading मोदी की जीत के मायने – कँवल भारती (Kanwal Bharti)

राहुल गांधी के नाम एक खुला पत्र – Kanwal Bharti

सम्माननीय राहुल जी, सादर नमस्कार, जय भीम निवेदन करना है कि मेरा नाम कँवल भारती है और मैं एक आंबेडकरवादी और समाजवादी विमर्श का लेखक हूँ. मुझे हिंदी दैनिक अख़बार “अमर उजाला” के 10 अक्टूबर के अंक के जरिये पता चला कि आपने अपने एक कार्यक्रम में संभवत: अलीगढ में कहा था कि ‘यदि आप दलित आन्दोलन को आगे ले जाना चाहते हैं, तो इसके … Continue reading राहुल गांधी के नाम एक खुला पत्र – Kanwal Bharti

जाति-व्यवस्था और दलित वर्ग – Kanwal Bharti

निस्संदेह, जाति का सवाल आसान नहीं है, वह काफी व्यापक और जटिल है. भारत का सामाजिक ढांचा ही सबसे अनूठा है, ऐसा ढांचा दुनिया में और कहीं भी नहीं मिलेगा. पूरी दुनिया में पूंजीवाद की व्यवस्था जिस शोषण को अंजाम दे रही है, वह भारत के मुकाबले में काफी कम है. इसका कारण है, यहाँ जाति-व्यवस्था भी है, जो अन्यत्र नहीं है. यह ब्राह्मणवादी व्यवस्था … Continue reading जाति-व्यवस्था और दलित वर्ग – Kanwal Bharti

हिन्दी दलित साहित्य – कॅंवल भारती

मोहनदास नैमिशराय की ‘हिन्दी दलित साहित्य’ पुस्तक को पढ़ते हूए यह साफ दिखाई देता है कि लेखक ने इसमें मेहनत बहुत की है, लोगों के बीच जा कर बहुत सारे ब्यौरे इकट्ठे किये हैं और उन्हें एक तरतीब दी है। यह अपने आप में एक बड़ा काम है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि इस पुस्तक का लेखन इतिहास की शक्ल में होना चाहिए … Continue reading हिन्दी दलित साहित्य – कॅंवल भारती