सार्वजनिक संस्थाओं को बेचने पर आमादा सरकारों से पूछा जाना चाहिए कि वो हैं किस लिए ? सिर्फ दलाली खाने के लिए? – Rakesh Kayasth

सरकारी तंत्र यानी नकारापन। प्राइवेट सेक्टर यानी अच्छी सर्विस और एकांउटिबिलिटी। यह एक आम धारणा है, जो लगभग हर भारतीय के मन में बैठी हुई है या यूं कहे बैठा दी गई है। लेकिन यह धारणा हर दिन खंडित होती है। किस तरह उसकी एक छोटी केस स्टडी आपके सामने रख रहा हूं। मेरे पड़ोसी ने एक ऐसे प्राइवेट बैंक से होम लोन लिया था, … Continue reading सार्वजनिक संस्थाओं को बेचने पर आमादा सरकारों से पूछा जाना चाहिए कि वो हैं किस लिए ? सिर्फ दलाली खाने के लिए? – Rakesh Kayasth