दंगा – मयंक सक्सेना ( Mayank Saxena)

दंगा *************** रात अंधेरा सन्नाटा शोर भीड़ आग चीखें … नारे चीखें आग ऱोशनी फिर रात अंधेरा सन्नाटा ********************* मयंक सक्सेना (4 मई, 1.26am) Continue reading दंगा – मयंक सक्सेना ( Mayank Saxena)