Tag: R Anuradha
Nawazuddin Siddiqui reads R Anuradha’s poems
अधूरा कोई नहीं – आर. अनुराधा
सुनती हूं बहुत कुछ जो लोग कहते हैं असंबोधित कि अधूरी हूं मैं- एक बार अधूरी हूं मैं- दूसरी बार क्या दो अधूरे मिलकर एक पूरा नहीं होते? होते ही हैं चाहे रोटी हो या मेरा समतल सीना और अधूरा आखिर होता क्या है! जैसे अधूरा चांद? आसमान? पेड़? धरती? कैसे हो सकता है कोई इंसान अधूरा! जैसे कि केकड़ों की … Continue reading अधूरा कोई नहीं – आर. अनुराधा
मैं अब खाली हो गया हूं. बिल्कुल खाली – Dilip Mandal
मैं अब खाली हो गया हूं. बिल्कुल खाली. मैं अपनी सबसे प्रिय दोस्त के लिए अब पानी नहीं उबालता. उसके साथ में बिथोवन की सिंफनी नहीं सुनता. मोजार्ट को भी नहीं सुनाता. उसे ऑक्सीजन मास्क नहीं लगाता. उसे नेबुलाइज नहीं करता. उसे नहलाता नहीं. उसके बालों में कंघी नहीं करता. उसे पॉल रॉबसन के ओल्ड मैन रिवर और कर्ली हेडेड बेबी जैसे … Continue reading मैं अब खाली हो गया हूं. बिल्कुल खाली – Dilip Mandal