ओमप्रकाश वाल्मीकि का होना – कँवल भारती (Kanwal Bharti)

कवि-कथाकार ओमप्रकाश वाल्मीकि का नाम हिन्दी दलित साहित्य आन्दोलन में अग्रणीय प्रतिष्ठापकों में लिया जाता है. वे सिर्फ एक लेखक भर नहीं हैं, बल्कि दलित साहित्य का एक जीवंत इतिहास है. वे हमारे दलित आन्दोलन के शुरूआती दौर के सक्रिय और जुझारू साथी हैं. हम दोनों ने लगभग एक ही समय 1970 के आसपास दलित साहित्य लिखना शुरू किया था. कानपूर के आर. कमल के … Continue reading ओमप्रकाश वाल्मीकि का होना – कँवल भारती (Kanwal Bharti)