प्रधानमंत्री जी,अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा- Tejashwi Yadav

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम, आपका ध्यान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा जो वाइवा के अंकों को 100 से घटाये जाने की माँग पर अनशन पर बैठे हैं। क्योंकि वाइवा में वंचित वर्गों के छात्रों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पक्षपात किया जाता है। दिलीप की स्थिति दिन-ब-दिन निरन्तर बेहद खराब होती जा रही … Continue reading प्रधानमंत्री जी,अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा- Tejashwi Yadav

गांधी का प्रश्न गोडसे का उत्तर

  गांधी ने अहिंसक प्रश्न किया मेरा चरखा तुम लोगे तो मेरी सादगी मेरी अहिंसा मेरा डंडा और गोली कौन लेगा ? जिनसे हुआ था प्रश्न वे तो रहे निरुत्तर फिर गोडसे का आया आसमानी उत्तर हम तुमको फिर देंगे वैसी ही मौत रखो अपनी उत्तेजना पर काबू….. हे भोले बापू…. हम सब कुछ तुम्हारी लाश पर करेंगे पहले गोली से मारा अब भक्ति से … Continue reading गांधी का प्रश्न गोडसे का उत्तर

University panel opposes Modi’s honour to VC Apparao

The Joint Action Committee (JAC) for Social Justice of the University of Hyderabad on Tuesday vehemently opposed the honour bestowed on university vice chancellor Podile Apparao by Prime Minister Narendra Modi at the Indian National Science Congress held in Tirupati. Professor Podile is one of the suspects in the suicide case of research scholar Rohith Vemula, booked under the SC/ST Atrocities Act. Rohith was reportedly … Continue reading University panel opposes Modi’s honour to VC Apparao

ATMs without money are still the norm – Renuka Shahane

The 1st of December has gone by. Long queues outside banks and ATMs without money are still the norm. If Demonetization has shown the colossal failure of implementation of a perfectly good idea with perfectly good intentions, it has also shown the strength & resilience of our citizens. People working in banks are still working beyond their normal call of duty, working overtime, canceling holiday … Continue reading ATMs without money are still the norm – Renuka Shahane

Don’t be ridiculous Modiji: Sensational speech on Demonetization? – Mohan Guruswamy

The Prime Minister is making a clown of himself by making unintelligent and sensationally emotional speech justifying the foolish implementation of the so-called demonetization. We are now allowed to exchange our higher denomination notes till December 30. That is why it is not demonetization because the notes can still be exchanged for a finite period. The misuse of terms is now becoming an habit with … Continue reading Don’t be ridiculous Modiji: Sensational speech on Demonetization? – Mohan Guruswamy

महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

आज सुबह मेरी पत्नी ने मुझे विजयी भव: वाले उसी अंदाज़ में घर से भेजा जैसै पुराने जमाने में रणभूमि पर जा रहे योद्धाओं को भेजा जाता था। सिर्फ रक्त तिलक नहीं हुआ, बाकी तैयारी पूरी थी। लड़ाई के साजो-समान में तीन चेक बुक दो एटीएम कार्ड, चार हज़ार की पुरानी करेंसी। भरे हुए फॉर्म, पैन कार्ड की फोटो कॉपी और ऑरिजनल दोनो। क्या पता … Continue reading महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

मित्र ट्रंप, यूपी चुनाव से पहले जनता को एकाध बार और धप्पा करना है

मित्र ट्रंप, चुनाव जीतने पर लख लख बधाइयां। मैं तो अमेरिका आकर ही बधाई देना चाहता था लेकिन इधर ज़रा सा फंसा हूं। बहुत सारे नए नोट छापने पड़ रहे हैं। अपने इधर ब्लैक मनी को खत्म करना चाह रहा हूं। तुम तो ब्लैक मनी के बारे में जानते ही होंगे, पुराने बिल्डर जो ठहरे। 😉 मित्र, हमारे यहां तुम्हारे बहुत फैन हैं। कई मेरे … Continue reading मित्र ट्रंप, यूपी चुनाव से पहले जनता को एकाध बार और धप्पा करना है

पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

सवाल कई हैं, संदेह कई है। चूंकि हमारे लिए ये एक बिलकुल नई घटना है तो सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते है। असल परिणाम क्या होंगे ये तो अभी भविष्य की गर्भ में है। ये भी हो सकता है कि ये कदम, सच में सरकार ने, ईमानदारी से देश हित में उठाया हो और देश को निकट भविष्य में इसका लाभ मिले। पर देश में कौन-कौन शामिल है ये एक अलग मसला है। किसान आदिवासी मजदूर दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा? Continue reading पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे

नजीब के लिए देश की जानी-मानी सियासी हस्तियां गुरुवार की शाम जेएनयू प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा थीं. जब यहां शशि थरूर अपनी बात रख रहे थे, तभी एक चीख सुनाई दी. यह चीख नजीब की मांग की थी. ख़ुद को संभाल पाने में नाकाम नजीब की मां अचानक दहाड़े मार कर रोने लगीं. रोते हुए वो चिल्ला रही थीं, ‘अरे कोई तो मेरे बेटे को … Continue reading Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे