LIVE: Chidambaram analyses Sitharaman’s fiscal stimulus measures

पूर्व वित्त मंत्री से पूछा गया था कि क्या केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज में एमएसएमई सेक्टर में 100 करोड़ तक के निवेश की छूट का बड़ी कंपनियां फ़ायदा उठाकर, इस सेक्टर में प्रवेश नहीं कर सकती हैं? ऐसी स्थिति में छोटे उद्योगों को ऐसी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जो उनके लिए नहीं होनी चाहिए और इससे उनका अस्तित्व संकट में आ जाएगा। (Do you think that the Big Fish … Continue reading LIVE: Chidambaram analyses Sitharaman’s fiscal stimulus measures

Does our government care?

Does the Indian Government really care? Since actions speak louder than words the unequivocal answer is a big no. I make this submission by stating data from the government websites.  1. Lets examine the updates available on the ministry of health website. We noticed that after the medical update provided to us on the 25th January 2020 no further updates were given till  the 9th … Continue reading Does our government care?

तुम अगर वोट देने का वादा करो

तुम अगर वोट देने का वादा करो  मैं यूं ही मस्त जुमले सुनाता रहूं ।  तुम मुझे देखकर सिर हिलाते रहो  मैं तुम्हें देखकर बड़बड़ाता रहूं ।मैंने हाँकी हैं गप्पे हजारों मगर इक शिकन तेरे माथे पे आई नहीँ ।  बेच डाला है मैंने सुनहरा वतनएक उंगली भी तुमने उठाई नहीँ ॥  तुम अगर अपनी गर्दन झुकाए रहो मैं छुरी पीठ पीछे चलाता रहूं ॥कोई हिन्दू मुसलमां … Continue reading तुम अगर वोट देने का वादा करो

Rafale: Modi’s Nemesis?–The Hindu’s N Ram on Rafale | Intro – P Sainath | Mumbai Collective 2019

#MumbaiCollective #NRam #TheHindu “Almost everyone will agree that corruption in India is pervasive, omnipresent and multifarious,” says Mr. N Ram. The third edition of Mumbai Collective was held on March 10, 2019 and began with a session on Rafale deal by the Chairman of The Hindu Newspaper N Ram that was chaired by P Sainath. Highlights from Mr. Ram’s speech: “In 2014, the BJP came … Continue reading Rafale: Modi’s Nemesis?–The Hindu’s N Ram on Rafale | Intro – P Sainath | Mumbai Collective 2019

वो तय करेंगे- आप संदिग्ध हैं, देशद्रोही हैं-मसीहुद्दीन संजरी

लोकसभा चुनावों में 23 मई 2019 को भाजपा की प्रचंड जीत का एलान हुआ। आतंक की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भाजपा ने भोपाल सेअपना प्रत्याशी बनाया जिन्होंने कांग्रेस के  नेता दिग्विजय सिंह को भारी मतों से पराजित कर कानून बनाने वाली देश की सबसे बड़ीपंचायत में पदार्पण किया। मोदी के दोबारा सत्ता में आने के साथ ही सरकार आतंकवाद पर ‘सख्त’ हो गयी। पहले से ही दुरूपयोग के लिए विवादोंमें रहे पोटा कानून के स्थान पर कांग्रेस सरकार ने 2004 में नए रूप में गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम पेश किया था। प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इसी में दो और संशोधन लाने का फैसला किया गया। खबरों के अनुसार पहला संशोधन किसीव्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने के लिए उसके किसी संगठन से जुड़े होने की बाध्यता को समाप्त करता है और दूसरा एनआईए को किसी भी व्यक्ति को आतंकी होने के संदेह पर गिरफ्तार करने की शक्ति प्रदान करता है।  गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को तभी ज़मानत मिल सकती है जब वह खुद को अदालत में बेगुनाह साबित कर दे। अब तक एनआईए को किसी व्यक्ति को आतंकवादी साबित करने के लिए तमाम अन्य साक्ष्यों केअलावा उसके किसी आतंकी संगठन से जुड़ाव के सबूत भी अदालत को देने होते थे लेकिन अब उसे इस जंजाल से मुक्त कर दिया जाएगा। राजनीतिक उद्देश्यों और राजनेताओं के खिलाफ पोटा के दुरूपयोग के आरोपों के चलते 2004 में पोटा को खत्म कर 1967 में बने यूएपीए मेंआतंकवाद से सम्बंधित प्रावधानों को शामिल कर उसे नया रूप दिया गया था। शुरू में यूएपीए में शामिल आतंकवाद सम्बंधित पोटा के तीन कठोरप्रावधानों को शिथिल या खत्म कर दिया गया था। पोटा के अंतर्गत शामिल ज़मानत पाने के कड़े प्रावधानों को निकाल दिया गया था।  पंद्रह दिनोंकी पुलिस हिरासत को हटा दिया गया था और पुलिस के सामने दिए गए बयान के अदालत में स्वीकार्य होने की बाध्यता खत्म कर दी गई थी।लेकिन बाद में होने वालो संशोधनों में इनमें से दो प्रावधानों को फिर से और कठोर बना दिया गया।  पुलिस के सामने दिए गए बयान अब भीअदालतों में स्वीकार्य नहीं हैं लेकिन साथ में आरोपों को गलत साबित करने का बोझ कैद में जा चुके आरोपी पर होने और ज़मानत कीसंभावनाओं के खत्म हो जाने के बाद इस अस्वीकार्यता के बहुत मायने नहीं रह जाते। प्रस्तावित संशोधन में आतंकवाद पर प्रहार की बात की गईहै। हालांकि सच यह भी है कि यूएपीए के प्रावधानों का प्रयोग असहमति के स्वरों को कुचलने के लिए भी किया जाता रहा है। गत वर्ष दिल्लीऔर मुम्बई से अर्बन नक्सल के नाम पर प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, कवियों, शिक्षक और वकीलों की गिरफ्तारियां इसी की ताजा कड़ी है। नए संशोधन के बाद आतंकवाद, … Continue reading वो तय करेंगे- आप संदिग्ध हैं, देशद्रोही हैं-मसीहुद्दीन संजरी

विदेश मंत्रालय ने भारत में अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी रिपोर्ट को किया खारिज

वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर जारी रिपोर्ट को भारतीय विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए साफ कहा है कि इस मामले में किसी विदेशी इकाई को हस्तक्षेप और बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं भाजपा ने भी इस रिपोर्ट को पूर्वग्रह से प्रेरित और झूठी करार दिया है। खबरों के … Continue reading विदेश मंत्रालय ने भारत में अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी रिपोर्ट को किया खारिज

Sanjeev Bhatt’s wife writes on her husband’s life imprisonment sentence

Shweta Sanjiv Bhatt writes says the following on her husband Sanjiv Bhatt’s life imprisonment sentence- The sessions court today sentenced Sanjiv to Life Imprisonment for a crime he did not commit. To all of you who have stood by Sanjiv as his pillar of support – Your words of support are comforting and encouraging, but words without action will amount to nothing. your support will … Continue reading Sanjeev Bhatt’s wife writes on her husband’s life imprisonment sentence