चर्मकारों पर हमले में पुलिस की मिलीभगत : फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट

तथ्य पड़ताल टीम ने कहा – पुलिस अधिकारी चाहते तो हमलावरों को उना पहुंचने से पहले ही रोक सकते थे। गुजरात के उना में दलित युवकों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पुलिस चाहती तो पूरी तरह रोक सकती थी। इस मामले में सचाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र रिसर्चरों की जो टीम गुजरात गई उसकी रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि … Continue reading चर्मकारों पर हमले में पुलिस की मिलीभगत : फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट

रन्डी-वैश्या, कुत्ते, नक्सली, आतंकवादी!

मैने कहा, वो एक महिला है, उसने कहा- ” रन्डी-वैश्या”.   मैने कहा, वो रहे दलित, उसने कहा- ” कुत्ते..” मैने कहा, वो रहे आदिवासी, वो बोला- ” साले नक्सली.” ये कश्मीरी, मैने कहा, उसने कहा- ” पथभ्रष्ट आतंकवादी.” ये कुछ किसान, मैने कहा, वे बोले- ” भूत-प्रेतों से भयभीत, बुजदिल लव में नाकाम ” . मैने कहा , ये चन्द छात्र है, उसने कहा, … Continue reading रन्डी-वैश्या, कुत्ते, नक्सली, आतंकवादी!

Revenge – Anand Patwardhan

The brilliant Dalit response to the Hindutva atrocity in Gujarat has cheered all those who want to annihilate caste. If the inspiration spreads across the country, it can turn the entire caste system on its head. As “designated castes” refuse to do other people’s dirty work anymore, it could force the “market” to find a solution. Working conditions and pay scales would then improve to … Continue reading Revenge – Anand Patwardhan

धर्मशास्त्रों में मरी हुई गाय के निपटान की क्या व्यवस्था है? – Dilip Mandal

कुछ बेहद गंभीर सवाल – धर्मशास्त्रों में मरी हुई गाय के निपटान की क्या व्यवस्था है? यह काम किस जाति के हिस्से है? दफनाया जाना है या अग्नि को समर्पित करना चाहिए? वेद, पुराण, गीता… ये ग्रंथ क्या कहते हैं? अंतिम संस्कार के मंत्र क्या हैं? मालिक की उपस्थिति होनी चाहिए या नहीं? श्राद्ध होगा या नहीं? पिंडदान कराना है या नहीं? अस्थि विसर्जन करना … Continue reading धर्मशास्त्रों में मरी हुई गाय के निपटान की क्या व्यवस्था है? – Dilip Mandal

रोहित वेमुला को दबाने के लिए JNU किया गया था. गुजरात को दबाने के लिए क्या होगा? – Dilip Mandal

निर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय | मरे जीव के चाम से, लोह भस्म हो जाय || मेरे गुरु कबीर साहेब यह लिख गए हैं. आप पढ़ते नहीं तो गलती आपकी. अब भुगतिए. रोहित वेमुला को दबाने के लिए JNU किया गया था. गुजरात को दबाने के लिए क्या होगा? आप सब अनुभवी लोग हैं. अंदाजा लगाइए. मेरा सूत्र यह है कि जो भी … Continue reading रोहित वेमुला को दबाने के लिए JNU किया गया था. गुजरात को दबाने के लिए क्या होगा? – Dilip Mandal

जनसैलाब. बाबा साहेब का बुद्ध भूषण प्रेस और आंबेडकर भवन को रात के अंधेरे में गिराए जाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर – Dilip Mandal

गुजरात से सैकड़ो किलोमीटर दूर मुंबई. 19 जुलाई, 2016. शहर का हाल के दिनों का सबसे बड़ा जनसैलाब. बाबा साहेब का बुद्ध भूषण प्रेस और आंबेडकर भवन को रात के अंधेरे में गिराए जाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर.   शांतिपूर्ण प्रदर्शन लिखने की जरूरत नहीं है. आंबेडकरवादी हैं, तो शांतिपूर्ण होंगे ही. आंबेडकरवादियों से शांति की अपील मत कीजिए सरकार. संविधान और … Continue reading जनसैलाब. बाबा साहेब का बुद्ध भूषण प्रेस और आंबेडकर भवन को रात के अंधेरे में गिराए जाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर – Dilip Mandal

स्वच्छ भारत सिर्फ दलितों की जिम्मेदारी नहीं है, अब साफ करो संघियों – Dilip Mandal

अभी-अभी विश्व हिंदू परिषद, गुजरात प्रदेश ने गाय की खाल उतार रहे दलितों पर अत्याचार की निंदा की है…. कड़े शब्दों में.  मोहन भागवत अपनी गोमाता का अंतिम संस्कार कर लें, फिर इस पर विचार किया जा सकता है. विश्व हिंदू परिषद को मालूम है कि जिस दिन दलितों और पिछड़ों ने गुलामी छोड़ दी उस दिन सवर्ण हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे. मुसलमानों से तीन … Continue reading स्वच्छ भारत सिर्फ दलितों की जिम्मेदारी नहीं है, अब साफ करो संघियों – Dilip Mandal

ये टाप भी कैसी लोरी है – Ravinder Randhawa

पांच साल की गुड़िया मेरी नींद में बातें करती है बाबा तुम सच में झूठे हो रोते रोते वो कहती है गोली चलती, बारूद फटे जब वो बिस्तर में छुप जाती है में कहता हूँ डर मत बिटिया कहीं दूर किसी की शादी है ये शोर मुझे अच्छा नहीं लगता और रोज़ की आतिशबाज़ी भी माँ गयी थी जिस दिन छोड़ मुझे उस दिन भी … Continue reading ये टाप भी कैसी लोरी है – Ravinder Randhawa

गाय और दलित-मुसलमान एकता! – Dilip Mandal

ये खालिद, अनीस, नदीम और अजमल नहीं हैं. ये हैं रमेश, अशोक, बेचार और विश्राम.   मामला वही गोरक्षक तालिबानियों का आतंक. तस्वीर में पीछे गुजरात में ऊना का पुलिस स्टेशन देखिए और RSS तथा BJP के नाम लानत भेजिए. ये राष्ट्रीय एकता के दुश्मन हैं. गाय का चमड़ा छीलने का जातीय पेशागत काम करने वाले ये चारों युवक दलित हैं. पीटने वाले सवर्ण गुंडे … Continue reading गाय और दलित-मुसलमान एकता! – Dilip Mandal

अक्षरधाम मामले में बरी हुए आरोपियों को मुआवजा देने से इंकार करना न्यायिक साम्प्रदायिकता का ताजा उदाहरण

लखनऊ 8 जुलाई 2016। रिहाई मंच ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अक्षरधाम मंदिर हमला मामले में सालों जेल में रहने के बाद बरी हुए लोगों को मुआवजा देने से मना करने को न्यायिक अन्याय करार देते हुए इसे न्यायप्रणाली मंे लोगों के विष्वास   को तोड़ने वाला फैसला बताया है। मंच ने कहा है कि ऐसे फैसले यह साबित करते हैं कि भारतीय न्याय व्यवस्था में किस … Continue reading अक्षरधाम मामले में बरी हुए आरोपियों को मुआवजा देने से इंकार करना न्यायिक साम्प्रदायिकता का ताजा उदाहरण