Bri8 chat:
Menaka Guruswamy and Devdutt Pattanaik talk about the relationship between literature and law. Continue reading Bri8 chat:
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Sticky post
https://www.youtube.com/watch?v=KbQlPyLfhJ0 Read Dylan’s speech, which was read by United States Ambassador to Sweden Azita Raji, below: Good evening, everyone. I extend my warmest greetings to the members of the Swedish Academy and to all of the other distinguished guests in attendance tonight. I’m sorry I can’t be with you in person, but please know that I am most definitely with you in spirit and honored … Continue reading Bob Dylan on Winning the Nobel for Literature
तभी अचानक सावन के दिव्य महीने में सर्वथा नूतन सरकार ने … एक नया नवेला नियम बनाया घर में दफ्तर में बाजार में रात दिन दोपहर मे नदी नाले नहर में डूब कर या खा कर जहर जो जान गवांएगा ऐसा आत्म हत्यारा देश के लिए शहीद माना जाएगा ऐसे आत्म बलिदानियों की भव्य समाधि बनेगी नगर चौक पर मूर्ति बिठाई जाएगी जन कवियों … Continue reading आर्यवर्त की सजग सरकार-बोधिसत्व
सड़कों पर खामोशी बैंकों में शोर है रातें हैं लंबी जाने कहां भोर है डिजिटल के नाम पर नकदी ले गया चोर है बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है Continue reading बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है – Pankaj Dubey
वही जो तथागत गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक, नानक, बसवन्ना, कबीर, रैदास, शिवाजी महाराज, जिजाऊ माता, संभाजी महाराज, ज्योतिबा फुले, फ़ातिमा शेख, सावित्रीबाई फुले, शाहूजी महाराज, नारायणा गुरु, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, अछूतानंद, गाडगे महाराज,, अब्दुल कय्यूम अंसारी, पेरियार, ललई सिंह यादव, रामस्वरूप वर्मा, जगदेव प्रसाद, सर छोटूराम, कर्पूरी ठाकुर, बीपी मंडल की विचारधारा है। मानव श्रम की प्रतिष्ठा, किसानों, पशुपालकों, कारीगरों का सम्मान, निठल्लों … Continue reading ओबीसी साहित्य की विचारधारा क्या होगी? – Dilip Mandal
आज मुंशी प्रेमचंद की सालगिरह है और यह पोस्ट खासकर उस युवा पीढ़ी के लिए है जिसे शायद ही उनकी रचनाओं को पढने का मौका मिले और यह जरूरी है कि किसी भी हाल में उस परंपरा को जिन्दा रखना जरूरी है जो प्रेमचंद ने शुरू की थी प्रेमचंद के बारे में कुछ ऐसे तथ्य जो ज्यादा लोगों को पता नहीं है हिंदी के … Continue reading आज के समय में प्रेमचंद कि प्रासंगिकता –किशोर
सुबह सवेरे – 1 इधर कुछ दिनों से, जब से हमने लम्बी बीमारी के बाद किसी क़दर सेहतयाब होने की तरफ़ क़दम बढ़ाना शुरू किया है, हम अपने मकान के चौबारे में कुर्सी पर बैठ कर मंजन करते हैं. वक़्त चार का भी हो सकता है, इससे कुछ आगे-पीछे का भी. फिर उठ कर ज़िन्दगी के कारोबार शुरू करने के लिए हिम्मत बांधते हुए हम … Continue reading सुबह सवेरे – Neelabh Ashk
बात कक्षा 11 की है. स्कूल के समय में स्कूल के बाहर शिकिंजी वाले के पास खड़े थे. विपिन नाम का एक और दोस्त और मिल गया तो गपशप शुरू हो गयी. इतने में स्कूल का गेट खुला और उसमे से हमारे प्रिंसिपल भटनागर साहब अपने स्कूटर पर बाहर आते दिखे . हमने हर अध्यापक का कुछ न कुछ नाम रख रखा … Continue reading कुछ अनुभव –किशोर