कमल – Kishore Jha
मेरा काम कुछ ऐसा है कि अक्सर सफ़र में रहता हूँ और स्टेशन पर आना-जाना लगा रहता है. पर इतने सालों बाद भी स्टेशन से मोहब्बत नहीं हो पाई और वहां हमेशा कुछ बेचैनी सी महसूस होती है. गाड़ी से उतर के घर पहुचने की बेताबी रहती है और स्टेशन से बाहर आकर पहली चुनौती होती है एक ऑटो पकड़ना जो आपको घर तक ले … Continue reading कमल – Kishore Jha