दलित मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ’ लखनऊ में धरना

दलित मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ’ लखनऊ में रिहाई मंच ने दिया धरना तकरोही में दलितों के पीटे जाने की घटना ने साबित किया गुजरात दोहराने की हो रही है कोशिश मंच ने लगाया आरोप – पुलिस लगी है दोषियों को बचाने में लखनऊ, 3 अगस्त 2016। रिहाई मंच ने ‘दलित मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ’ हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर धरना दिया। धरने के … Continue reading दलित मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ’ लखनऊ में धरना

‘दलित-मुस्लिम हिंसा के खिलाफ’ रिहाई मंच 3 अगस्त को लखनऊ में देगा धरना

दलितों-मुसलमानों पर हमलावर संघियों के प्रति नर्मी सरकार को पड़ेगी महंगी- रिहाई मंच ‘दलित-मुस्लिम हिंसा के खिलाफ’ रिहाई मंच 3 अगस्त को लखनऊ में देगा धरना लखनऊ, 2 अगस्त 2016। अराजक तत्वांे द्वारा तकरोही इंदिरा नगर, लखनऊ में मृत गाय ले जाने के कारण पीटे गए दलित युवकों से रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव और रिहाई मंच लखनऊ सोशल मीडिया प्रभारी शबरोज मुहम्मदी नेे मुलाकात … Continue reading ‘दलित-मुस्लिम हिंसा के खिलाफ’ रिहाई मंच 3 अगस्त को लखनऊ में देगा धरना

बहुत मंगलकामनाएं नरसिंह यादव – Dilip Mandal

बहुत खूब! द्रोणाचार्य को अंगूठा नहीं देना है. किसी कीमत पर नहीं. मांगे या जिद करे तो अहिंसक तरीके से पटककर सीने पर चढ़ जाना है. बहुत बहुत मंगलकामनाएं नरसिंह यादव. रियो ओलंपिक से मेडल जरूर लाना.   कुछ मीठा हो जाए? अलविदा आनंदीबेन. अब कभी दलितों से पंगा नहीं लेना. रियो ओलंपिक से मेडल लेकर आना नरसिंह यादव. मुजफ्फरनगर से गौ-आतंकवाद की खबर आ … Continue reading बहुत मंगलकामनाएं नरसिंह यादव – Dilip Mandal

आनंदीबेन पटेल ने इस्तीफा दिया,फेसबुक पर इस्तीफा देने वाली पहली मुख्यमंत्री – Dilip Mandal

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इस्तीफा दिया…     दलितों से पंगा नहीं लेना चाहिए था. जाते जाते भी BJP को यूपी में नुकसान पहुंचा गईं. फेसबुक पर इस्तीफा देने वाली वे भारत की पहली मुख्यमंत्री बन गई हैं. सोशल मीडिया युग में आप सबका स्वागत है. चैनल और अखबार वाले विश्राम करें आप फेसबुक पर हैं, मतलब आपके पास कंप्यूटर या स्मार्टफोन है, … Continue reading आनंदीबेन पटेल ने इस्तीफा दिया,फेसबुक पर इस्तीफा देने वाली पहली मुख्यमंत्री – Dilip Mandal

आज के समय में प्रेमचंद कि प्रासंगिकता –किशोर

  आज मुंशी प्रेमचंद की सालगिरह है और यह पोस्ट खासकर उस युवा पीढ़ी के लिए है जिसे शायद ही उनकी रचनाओं को पढने का मौका मिले और यह जरूरी है कि किसी भी हाल में उस परंपरा को जिन्दा रखना जरूरी है जो प्रेमचंद ने शुरू की थी प्रेमचंद के बारे में कुछ ऐसे तथ्य जो ज्यादा लोगों को पता नहीं है हिंदी के … Continue reading आज के समय में प्रेमचंद कि प्रासंगिकता –किशोर

14 साल बाद नरोडा पाटिया में दलितों का प्रायश्चित! – Dilip Mandal

नरोडा पाटिया. नाम तो सुना ही होगा आपने. वह 28 फरवरी, 2002 का खौफनाक दिन था. नरोडा पाटिया में सब कुछ सहमा सा. माहौल में तनाव था. बच्चे घर में दुबके हुए थे. यह अहमदाबाद की ऐसी बस्ती है, जिसमें मुसलमान अच्छी संख्या में हैं. 27 फरवरी को गोधरा कांड हुआ था. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने उसी शाम गुजरात को श्मशान बना … Continue reading 14 साल बाद नरोडा पाटिया में दलितों का प्रायश्चित! – Dilip Mandal

लालकृष्ण आडवाणी से दयाशंकर तक, बिहार में ही जाकर ये गिरफ्तार क्यों होते हैं?

लालकृष्ण आडवाणी से दयाशंकर तक, बिहार में ही जाकर ये गिरफ्तार क्यों होते हैं? 20 अक्टूबर, 1990: आडवाणी रथ यात्रा से विराम लेकर दिल्ली आते हैं. अगले दिन फिर यात्रा के लिए फ्लाइट पकड़नी है. बिहार के सीएम लालू प्रसाद आडवाणी को समझाने के लिए दिल्ली आते हैं. कहते हैं कि रोक दीजिए. आप जहां जहां से गुजर रहे हैं, पीछे खून के निशान नजर … Continue reading लालकृष्ण आडवाणी से दयाशंकर तक, बिहार में ही जाकर ये गिरफ्तार क्यों होते हैं?

बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

इस सप्ताह बाल श्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम,2012 राज्य सभा में पास हो गया. लोकसभा में पास होने के बाद इस कानून को अमली जामा पहनाने के लिए इसके नियम बनाये जायेंगे और यह एक कानून बन जाएगा. इस कानून में कुछ बदलाव सकारात्मक हैं जैसे इसके अंतर्गत बालश्रम रखने को एक संज्ञेय अपराध बनाया गया है तथा इसके लिए अधिक सजा और जुर्माने और … Continue reading बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

With Raza’s passing, last link to Progressives severed

By: Deepanjana Pal The last rites will be conducted in Mandala in Madhya Pradesh, according to his wishes. It’s the simplicity of the paintings that strikes you at first glance. A black circle with concentric lines radiating from that dark centre, a neat arrangement of triangles and straight lines; dabs of paint that never spill out of their cells, colours that glisten with vibrancy long … Continue reading With Raza’s passing, last link to Progressives severed

सुबह सवेरे – Neelabh Ashk

सुबह सवेरे – 1 इधर कुछ दिनों से, जब से हमने लम्बी बीमारी के बाद किसी क़दर सेहतयाब होने की तरफ़ क़दम बढ़ाना शुरू किया है, हम अपने मकान के चौबारे में कुर्सी पर बैठ कर मंजन करते हैं. वक़्त चार का भी हो सकता है, इससे कुछ आगे-पीछे का भी. फिर उठ कर ज़िन्दगी के कारोबार शुरू करने के लिए हिम्मत बांधते हुए हम … Continue reading सुबह सवेरे – Neelabh Ashk