सरकार के दो और बड़े फैसले हंसी और विलाप टैक्स -Bodhi Sattva

आज जो भी दिन दिनांक हो इसे सुदिन शुभ मान कर सरकार ने दो बड़े मार्मिक निर्णय लिए हैं….इसके लिए सरकार ने एक नए महकमें की स्थापना की है…जिसका नाम हंसी विलाप टैक्स विभाग रखा गया है.. आज और अभी से जो भी नर नारी बालक वृद्ध किसी भी स्थिति में रोता हुआ पाया जाएगा उस पर देश द्रोह का मुकदमा चलेगा, रोना अब एक … Continue reading सरकार के दो और बड़े फैसले हंसी और विलाप टैक्स -Bodhi Sattva

देशहित कोई अदृश्य देवता है – Charu Mishra

  देशहित कोई अदृश्य देवता है जिसके लिए जन जन को अपना खून पसीना बहा देना चाहिए। अपनी भूख प्यास और बीमारी भूल जानी चाहिए। आदिवासियों और किसानों को इसकी पूजा में अपनी ज़मीने अर्पित कर देनी चाहिए और सिपाहियों को अपना सुख अपनी जान छात्रो को शिक्षा का बजट और स्कॉलरशिप न्योछावर कर देनी चाहिए तो बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं कर्मचारियों को बुढ़ापे का … Continue reading देशहित कोई अदृश्य देवता है – Charu Mishra

पंडितजी के रौशनदान से लटकता प्रचारक- Rakesh Kayasth

प्रिय प्रचारक, तुम हो राष्ट्र तारक। करते हो देश की बड़ी भलाई, लेकिन एक बात अब तक समझ नहीं आई। इतिहास के कूड़ेदान में क्यों भटक रहे हो। बावन साल हो गये नेहरू को गये, लेकिन अब भी तुम तीनमूर्ति का रौशनदान पकड़े लटक रहे हो! माना हर बेडरूम में झांकना तुम्हारा अधिकार है। लेकिन आखिर एक मरे हुए आदमी से तुम्हे क्यों इस कदर … Continue reading पंडितजी के रौशनदान से लटकता प्रचारक- Rakesh Kayasth

Sobering facts for Moditoon- Rajat Datta

Moditoons (Cartoons who love Modi) are crowing about the surgical strike unleashed by the supreme leader on `black’ money. Facts obviously don’t bother them, what matters is devotion. Here are some cold, sobering facts: • 47 percent of Indians do not have bank accounts till date (it was about 54 percent in 2014). • About 43 per cent of these bank accounts are dormant. • … Continue reading Sobering facts for Moditoon- Rajat Datta

महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

आज सुबह मेरी पत्नी ने मुझे विजयी भव: वाले उसी अंदाज़ में घर से भेजा जैसै पुराने जमाने में रणभूमि पर जा रहे योद्धाओं को भेजा जाता था। सिर्फ रक्त तिलक नहीं हुआ, बाकी तैयारी पूरी थी। लड़ाई के साजो-समान में तीन चेक बुक दो एटीएम कार्ड, चार हज़ार की पुरानी करेंसी। भरे हुए फॉर्म, पैन कार्ड की फोटो कॉपी और ऑरिजनल दोनो। क्या पता … Continue reading महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

सवाल कई हैं, संदेह कई है। चूंकि हमारे लिए ये एक बिलकुल नई घटना है तो सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते है। असल परिणाम क्या होंगे ये तो अभी भविष्य की गर्भ में है। ये भी हो सकता है कि ये कदम, सच में सरकार ने, ईमानदारी से देश हित में उठाया हो और देश को निकट भविष्य में इसका लाभ मिले। पर देश में कौन-कौन शामिल है ये एक अलग मसला है। किसान आदिवासी मजदूर दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा? Continue reading पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

Secret World of US Election: Julian Assange talks to John Pilger (FULL INTERVIEW)

THE SECRETS OF THE US ELECTION: JULIAN ASSANGE TALKS TO JOHN PILGER John Pilger: What’s the significance of the FBI’s intervention in these last days of the U.S. election campaign, in the case against Hillary Clinton? Julian Assange: If you look at the history of the FBI, it has become effectively America’s political police. The FBI demonstrated this by taking down the former head of … Continue reading Secret World of US Election: Julian Assange talks to John Pilger (FULL INTERVIEW)

Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे

नजीब के लिए देश की जानी-मानी सियासी हस्तियां गुरुवार की शाम जेएनयू प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा थीं. जब यहां शशि थरूर अपनी बात रख रहे थे, तभी एक चीख सुनाई दी. यह चीख नजीब की मांग की थी. ख़ुद को संभाल पाने में नाकाम नजीब की मां अचानक दहाड़े मार कर रोने लगीं. रोते हुए वो चिल्ला रही थीं, ‘अरे कोई तो मेरे बेटे को … Continue reading Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे