इस देश में दो तरह के लोग हैं – Himanshu Kumar

इस देश में दो तरह के लोग हैं एक वो जो पुलिस के पक्ष में हैं दूसरे वो जो पुलिस की मार खा रहे हैं एक वो हैं जो कड़ी मेहनत के काम करते हैं और भूखे सोते हैं दूसरे वो हैं जो मजे से आराम करते हैं लेकिन कार बंगले शॉपिंग मॉल के मजे लुटते हैं एक तरफ वो हैं जिनकी ज़मीन छीनने के … Continue reading इस देश में दो तरह के लोग हैं – Himanshu Kumar

Islam’s reform: Way to go – Javed Anand

Can passages of the Quran be cherry-picked — to embrace what is appealing and to skirt around what is not ? That is the question Written by Javed Anand | Published:July 19, 2017 In his article on how religions evolve (‘Let’s talk to the Book’, IE, July 15), Ramesh Venkataraman makes the interesting proposition that the ongoing debate on triple talaq in the country signals … Continue reading Islam’s reform: Way to go – Javed Anand

मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं? – Shahnawaz Alam

मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं. भाषा गुंडे-बदमाशों वाली है. बीमार और तालिबानी ज़ेहनियत के लोग हैं. ये मुसलमान हैं और मुसलमानों के बीच रहते हैं. मैंने मुहम्मद शमी और इरफ़ान पठान की वॉल पर जाकर कमेंट्स करने वालों के काउंट्स बार-बार चेक किए हैं. मुझे हमेशा ओरिजनल अकाउंट्स मिले हैं. सही-ग़लत इस्लाम बताने वाले मुसलमान … Continue reading मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं? – Shahnawaz Alam

मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी – Himanshu Kumar

आज पढ़ रहा था कि मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी जो व्यक्ति के स्वस्थ होने या उसके कर्मों के कारण उसके बीमार होने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में अपने ज्योतिष के हिसाब से बताएँगे, यह मूर्खता की पराकाष्ठा है. दूसरी खबर यह है कि सरस्वती शिशु मन्दिरों को सरकार चलायेगी और उनके शिक्षकों को अब … Continue reading मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी – Himanshu Kumar

आप लोगों ने मोदी जी के मुंह से अब तक इस पर कुछ सुना क्या? – Dilip Khan

  कल अलग गोरखालैंड के आंदोलन को एक महीना हो जाएगा। 29 दिनों से दार्जिलिंग जल रहा है। कई लोग मारे जा चुके हैं। अर्धसैनिक बलों से बात नहीं बनी तो सेना के जवानों को वहां उतारा गया, लेकिन बातचीत की अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। मान लिया गया कि ये पूरी तरह लॉ एंड ऑर्डर का मामला है। ममता बनर्जी तो पहले … Continue reading आप लोगों ने मोदी जी के मुंह से अब तक इस पर कुछ सुना क्या? – Dilip Khan

#NOT IN MY NAME is all about loving – Annie Zaidi

No, it wasn’t elitist (only the elite are saying that). No, it wasn’t just journalists. It wasn’t celebrity driven or foregrounded (but the TV people were keen on focusing on the 4/5 actors present). I’ll tell you what it was. It was a low, dense, dark sky spilling its guts out. It was a flooded road with over a foot of stagnating water (which probably … Continue reading #NOT IN MY NAME is all about loving – Annie Zaidi

इंदिरा दुर्गा और नेहरू खलनायक क्यों? – Rakesh Kayasth

  देश के इतिहास में संघियों के पिटने और जेल जाने की अगर कोई वाकया है, तो वह सिर्फ इमरजेंसी के दौर का है। लिखित माफी की भी कुछ कहानियां हैं। लेकिन यह सच है कि समाजवादियों के साथ संघियों ने भी इमरजेंसी के दौरान इंदिरा सरकार की प्रताड़ना सही। इतिहास बोध आजकल एक विलुप्तप्राय चीज़ है। लेकिन पुराने पत्रकारों से बात कीजिये तो पता … Continue reading इंदिरा दुर्गा और नेहरू खलनायक क्यों? – Rakesh Kayasth

गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -2 (Nitin Thakur)

चार्ली चैप्लिन महात्मा गांधी से मिलना चाहते थे जिसके लिए कैनिंग टाउन में डॉक्टर चुन्नीलाल कतियाल के यहाँ 22 सितम्बर 1931 की शाम का वक्त तय हुआ। खुद चैप्लिन ने इस रोचक मुलाकात को आत्मकथा में सहेजा है। उस वक्त का एक फोटो रिकॉर्ड्स में मिलता है जिसमें गांधी गाड़ी से बाहर आ रहे हैं और उन्हें लोगों ने चारों तरफ से घेर रखा है। … Continue reading गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -2 (Nitin Thakur)