NO BJP did NOT “Sweep” UP Municipal Election – Banojyotsna Lahiri

NO BJP did NOT “Sweep” UP Municipal Election! because the election was not about election of Mayor posts alone. In the Mayor’s post, BJP won 14 out of 16 seats. But, that’s not all: • For the post of Municipal Chairperson: BJP candidates won – 69 Non BJP candidates won – 126 • for Nagar Panchayat President BJP candidates won- 100 Non-BJP candidates won- 338 … Continue reading NO BJP did NOT “Sweep” UP Municipal Election – Banojyotsna Lahiri

बेटों को समझाएं ताकि शोषण के अपराध में लिप्त पुरुषों की संख्या कम हो सके – Dipesh Pant

Humans of Bombay के पेज पर Dipesh Tank का ये अनुभव मैंने पढ़ा और चूँकि मैं चाहती हूं कि ऐसे अनुभव ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे तो इस पोस्ट का हिंदी अनुवाद आप सबके साथ साझा कर रही हूं| किसी समस्या के समाधान का पहला चरण स्वीकार्यता होती है जिसमें अपनी ज़िम्मेदारी के एहसास का अहम रोल है| दीपेश ये कर सके, बाकी ज़्यादातर … Continue reading बेटों को समझाएं ताकि शोषण के अपराध में लिप्त पुरुषों की संख्या कम हो सके – Dipesh Pant

हस्तमैथुन (Masturbation) – Mayank Saxena

  यौवन मेरा न संभले है हूं अधेड़ फिर भी उबले है मैं मत्त मदांध लेकर सड़ांध बन आज आम बौराया हूं हॉस्टल के द्वार खिड़की के पार हस्तमैथुन करने आया हूं हां, वही वही मस्टरबेशन करतें हैं जिसको सारे जन मैं बेच लाज आया हूं आज इसको दिखलाने तुमको भी ये राज़ बताने तुमको भी मेरा पौरुष हुआ निरंकुश अब गटर सा मैं उफ़नाया … Continue reading हस्तमैथुन (Masturbation) – Mayank Saxena

तीस्ता सेतलवाड को वाराणसी पुलिस ने हिरासत में लिया

वाराणसी, 25 सितम्बर। वाराणसी में 25 सितम्बर को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सेतलवाड को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनको तब हिरासत में लिया, जब वह समाजवादी जनपरिषद द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में सम्बोधन के लिए जा रही थी। पुलिस ने तीस्ता को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में रोक लिया, जहां उनसे पुलिस बीएचयू जाने के बारे में पूछताछ करने लगी। तीस्ता … Continue reading तीस्ता सेतलवाड को वाराणसी पुलिस ने हिरासत में लिया

बेटियों से मुँह चुराते प्रधानमंत्री पर एक सांस्कृतिक चिट्ठा -कश्यप किशोर मिश्र

मर्दानगी क्या होती है ? यह जनाना या स्त्रैण से कितनी अलग होती है ? हाँलाकि यह एक सामाजिक सवाल है पर इसके राजनीतिक जवाब की तलाश करें तो तलाश की सुई भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर मुड़ जाती है । राजनीतिक मर्दवाद को सामाजिक मर्दवाद की मर्यादा बना देने का उदाहरण इस मुल्क नें जय गंगा मईया को नमामि गंगे … Continue reading बेटियों से मुँह चुराते प्रधानमंत्री पर एक सांस्कृतिक चिट्ठा -कश्यप किशोर मिश्र

Gauhar Raza के ख़िलाफ़ ग़लतबयानी करने के लिए Zee News ने माफी नहीं मांगी – Dilip Khan

Zee News ने माफी नहीं मांगी। आप देख चुके होंगे। NBSA ने ज़ी न्यूज़ को आज रात 9 बजे माफी मांगने को कहा था। साथ मैं Gauhar Raza के ख़िलाफ़ ग़लतबयानी करने के लिए एक लाख रुपए का ज़ुर्माना भी लगाया था, लेकिन ज़ी ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ये कोई पहला वाकया है क्या? दो कहानियां सुनाता हूं। एक बार India TV पर … Continue reading Gauhar Raza के ख़िलाफ़ ग़लतबयानी करने के लिए Zee News ने माफी नहीं मांगी – Dilip Khan

Republic के पत्रकार को हड़काया Shehla Rashid ने – Dilip Khan

दो दिनों से कई पोस्ट पढ़ चुका हूं जिसमें Shehla Rashid की इस बात पर आलोचना की जा रही है कि उसने Republic के पत्रकार को क्यों हड़काया। कुछ बातें कहने को हैं: 1. ये जो ताज़ा रिपब्लिक है और जिसका डॉन पहले TIMES NOW में था, उसने कैसी रिपोर्टिंग और कैसी डिबेट की JNU को लेकर? ज़्यादा नहीं, बस डेढ़ साल पहले की बात … Continue reading Republic के पत्रकार को हड़काया Shehla Rashid ने – Dilip Khan

Shock and anger in Mumbai Journalists: Campaign Justice for Gauri Lankesh Begins

The Brihanmumbai Union of Journalists expresses shock and anger at the dastardly killing of Gauri Lankesh, editor of Lankesh Patrika, in Bengaluru this evening. Gauri Lankesh has been a trenchant and courageous critic of hindutva and casteist politics. Since last November, she has been fighting her conviction in a criminal defamation case against BJP MP in Dharwad Prahallad Joshi and was out on bail. Journalists … Continue reading Shock and anger in Mumbai Journalists: Campaign Justice for Gauri Lankesh Begins

सुन Circuit! बोले तो अब वोटबंदी मांगता है- Rakesh Kayasth

  कमाल का देश है अपना! मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्में शिक्षा देती हैं और जनता को शिक्षित करने के लिए गये महान राजनीतिक फैसले आखिर में मनोरंजक साबित होते हैं। नोटबंदी में सरकार को इतने नोट मिले थे कि गिनती नहीं हो पा रही थी। डर था कि गिनने की ड्यूटी से उकता गये आरबीआई के गर्वनर साहब नौकरी ना बदल लें, जैसे … Continue reading सुन Circuit! बोले तो अब वोटबंदी मांगता है- Rakesh Kayasth