जाति-धर्म के शिकन्जे में लोकतन्त्र – कॅंवल भारती

          निस्सन्देह इस बार के लोकसभा चुनावों में एक बड़ा सवाल भ्रष्टाचार का उभर कर आया है। अरविन्द केजरीवाल से शुरु हुई इस लड़ाई ने यदि भ्रष्टाचार के सवाल पर युवा मध्य वर्ग को गम्भीर न बनाया होता, तो शायद भाजपा भी इसे अपने एजेण्डे में रखने वाली नहीं थी। केजरीवाल की भ्रष्टाचार-उन्मूलन की लड़ाई कहीं जनक्रान्ति में सफल न हो जाये,इसलिये … Continue reading जाति-धर्म के शिकन्जे में लोकतन्त्र – कॅंवल भारती