सावरकर की वीरता: कितनी हकीकत, कितना फ़साना?

इतिहास के पन्ने के इस अंक में हम नज़र डाल रहे हैं विनायक दामोदर सावरकर के वीरता के किस्से और उनसे जुड़े विवादों पर। बीजेपी के सत्ता में आते ही सावरकर को एक नायक की तरह पेश किया जा रहा है, इन दावों में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं वरिष्ठ पत्रकार निलांजन मुखोपाध्याय से। Continue reading सावरकर की वीरता: कितनी हकीकत, कितना फ़साना?

बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का – Mayank Saxena

बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का ये नारा लगाने वालों के बच्चे कॉन्वेंट में पढ़ रहे हैं…न कि शिशु मंदिर में…जिनके बड़े हो गए, वे स्वयंसेवक या कारसेवक नहीं हैं…आईटी कम्पनियों में हैं…विदेश में हैं…हिंदी और संस्कृत नहीं, अंग्रेज़ी बोलते हैं…धोती नहीं, स्मार्ट केसुअल्स पहनते हैं…और माता-पिता के पैर तो सुबह उठ कर नहीं ही छूते हैं… तय मानिए, वह न राम के हैं, … Continue reading बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का – Mayank Saxena