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“NDTV India This Week”- A Look @ the stories before I & B recommended 1 day ban!

What did NDTV India report this week? The Information and Broadcasting ministry, according to PTI, will now ask the channel NDTV India to be taken off air for a day on the 9th of November. The I & B Ministry’s decision would be  the first ever order against a broadcaster over its coverage of terrorist attacks. We at Hillele.org looked at the stories NDTV India … Continue reading “NDTV India This Week”- A Look @ the stories before I & B recommended 1 day ban!

आज के समय में प्रेमचंद कि प्रासंगिकता –किशोर

  आज मुंशी प्रेमचंद की सालगिरह है और यह पोस्ट खासकर उस युवा पीढ़ी के लिए है जिसे शायद ही उनकी रचनाओं को पढने का मौका मिले और यह जरूरी है कि किसी भी हाल में उस परंपरा को जिन्दा रखना जरूरी है जो प्रेमचंद ने शुरू की थी प्रेमचंद के बारे में कुछ ऐसे तथ्य जो ज्यादा लोगों को पता नहीं है हिंदी के … Continue reading आज के समय में प्रेमचंद कि प्रासंगिकता –किशोर

सुबह सवेरे – Neelabh Ashk

सुबह सवेरे – 1 इधर कुछ दिनों से, जब से हमने लम्बी बीमारी के बाद किसी क़दर सेहतयाब होने की तरफ़ क़दम बढ़ाना शुरू किया है, हम अपने मकान के चौबारे में कुर्सी पर बैठ कर मंजन करते हैं. वक़्त चार का भी हो सकता है, इससे कुछ आगे-पीछे का भी. फिर उठ कर ज़िन्दगी के कारोबार शुरू करने के लिए हिम्मत बांधते हुए हम … Continue reading सुबह सवेरे – Neelabh Ashk

कुछ अनुभव –किशोर

    बात कक्षा 11  की है. स्कूल के समय में स्कूल  के बाहर शिकिंजी वाले के पास खड़े थे. विपिन नाम का  एक और दोस्त और  मिल गया तो गपशप शुरू हो गयी. इतने में स्कूल का गेट खुला और उसमे से हमारे प्रिंसिपल भटनागर साहब अपने स्कूटर पर  बाहर  आते दिखे .   हमने हर अध्यापक का कुछ न कुछ नाम रख रखा … Continue reading कुछ अनुभव –किशोर

एफटीआईआई छात्रों के ऊपर पुलिस दमन के विरोध में मुम्बई विश्वविद्यालय में UCDE द्वारा ज़ोरदार प्रदर्शन

पुणे के एफटीआईआई में छात्रों के ऊपर हुए बर्बर पुलिस दमन के विरोध में आज मुम्बई विश्वविद्यालय परिसर के मेन गेट पर यूनिवर्सिटी कम्युनिटी फॉर डेमोक्रेसी एण्ड इक्वॉलिटी (UCDE) द्वारा ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया।   गौरतलब है कि 7 जनवरी को एफटीआईआई में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने मारपीट की थी व लगभग 40 छात्रों को गिरफ्तार … Continue reading एफटीआईआई छात्रों के ऊपर पुलिस दमन के विरोध में मुम्बई विश्वविद्यालय में UCDE द्वारा ज़ोरदार प्रदर्शन

राष्ट्रगान, टैगोर और कॉमन सेंस

पंकज श्रीवास्तव राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने राष्ट्रगान से ‘अधिनायक’ शब्द को हटाने की बात कहकर जो विवाद छेड़ा है, वह नया नहीं है। यह सवाल पूछा जाता रहा है कि राष्ट्रगान में किस अधिनायक की बात की गयी है। एक तबका साफतौर पर मानता है कि यह अधिनायक और कोई नहीं इंग्लैंड के सम्राट जार्ज पंचम हैं जो 1911 में भारत आये थे और कलकत्ता में हुए … Continue reading राष्ट्रगान, टैगोर और कॉमन सेंस

जिस वक़्त मैं यह लिख रही हूं, तलाशी ख़त्म नहीं हुई है – तीस्ता सेतलवाड

सरकार कारसाज़ है, भगवान की ही तरह…व्यापमं से लेकर तमाम और मामलों में सीबीआई जांच की ज़रूरत को ही नकार देने वाली सरकार ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही जाती रही सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सेतलवाड़ के घर पर सीबीआई का छापा पड़वाया…तीस्ता का अपराध वाकई बहुत बड़ा है…तीस्ता सेतलवाड़ गुजरात के 2002 के दंगों के पीड़ितों की क़ानूनी लड़ाई लड़ रही हैं…इंसाफ की … Continue reading जिस वक़्त मैं यह लिख रही हूं, तलाशी ख़त्म नहीं हुई है – तीस्ता सेतलवाड

रेशम (by Shaleen Rakesh)

मेरी पलकों के तले तितलियों के चित्र हैं हर बार जब आँखें झपकता हूँ रंग उड़ने लग जाते हैं एक धुन सी सुनायी देती है जागो तो, जाग जाओ जब हम मिले थे तब मैं घास पर रेशमी कीड़े सा, तुम्हें खोजता था तब पर नहीं निकले थे हमारे ये सच है अब मेरी दस आँखें नहीं रहीं पर अगर होतीं तो तुम पर होतीं। Continue reading रेशम (by Shaleen Rakesh)

राजेन्द्र यादव का अन्तिम सम्पादकीय

राजेन्द्र यादव का अन्तिम सम्पादकीय : कुछ विचारोत्तेजक अंश “देश की नीतियां बनाने वाले मोंटेकसिंह अहलूवालिया, मनमोहन सिंह और पी. चिदम्बरम जैसे अर्थशास्त्री या तो आंकड़े भौंकते हैं या फिर आश्वासन देते हैं कि पांच साल बाद प्याज की कीमतें दो-तीन रुपया कम हो जाएँगी, दालें एक रुपया सस्ती हो जाएँगी और रुपया नियंत्रण में आ जायेगा, ये सारे शेखचिल्ल्यों वाले दिलासे देते हुए अपने … Continue reading राजेन्द्र यादव का अन्तिम सम्पादकीय