बकरों की भी शिकायत – Himanshu Kumar

गुलाब की मां का नाम ज़रीफो था। मुज़फ्फर नगर के लिसाढ़ गाँव में आठ सितम्बर को दंगा शुरू हुआ. भीड़ ने बस्ती पर हमला किया। साढ़े तीन सौ घर जला दिए गए। तेरह लोगों का क़त्ल कर दिया गया। गुलाब की मां भी दंगों में गायब हो गयी। दंगे के अगले दिन पड़ोस के गाँव मीमला के बाहर , नहर के पास , एक बाग़ … Continue reading बकरों की भी शिकायत – Himanshu Kumar

कल गोडसे गांधी के हत्थे चढ गया ? – Himanshu Kumar

असगर वजाहत का लिखा हुआ और टॉम आल्टर के ग्रूप द्वारा खेला गया नाटक देखा !यह एक नया नाटक है जिसे कल कुछ ही लोगों के सामने पहली बार खेला गया !इस मौके पर असगर वजाहत साहब भी मौजूद थे ! टॉम आल्टर पहले ही आकर मिले , नाटक के मंचन के बारे में बताया, फिर नाटक खेला ! नेहरु की भूमिका सरदार फिल्म में … Continue reading कल गोडसे गांधी के हत्थे चढ गया ? – Himanshu Kumar

क्या हम सभी को खुद को कट्टर हिदू मानना चाहिये ? – Himanshu Kumar

 मेरे ताउजी बीच में बैठे हुए . दायें कोने में नेहरु जी बैठे हैं मेरे पड़दादा उत्तर प्रदेश में महर्षी दयानन्द के प्रथम शिष्य थे . मुजफ्फर नगर में महर्षी दयानंद हमारे घर में ठहरते थे . मेरे पड़दादा जी ने ब्राह्मणों के रंग ढंग का विरोध किया तो उन्हें ज़हर दे दिया गया था . मेरे पड़दादा जी ने कई किताबें लिखी थीं जिनमे … Continue reading क्या हम सभी को खुद को कट्टर हिदू मानना चाहिये ? – Himanshu Kumar

Starving to live, not die – Goutham Shivshankar & Suhrith Parthasarathy

Hunger Strike is no crime. To convey one’s point of view to one’s government is everyone’s right. This right is enjoyed not only by Indians but by citizens of all democratic nations. Leaders of Freedom movement and many social- political leaders have gone on Hunger Strikes to make their demands heard. Many have also died during Hunger strikes. In any civilized state the government and … Continue reading Starving to live, not die – Goutham Shivshankar & Suhrith Parthasarathy

Self-Reflection Fast: How should India Behave With Its Tribal Population

Himanshu Kumar, who is on an indefinite fast at Jantar Mantar has received a letter from DCP office stating that the permission for his fast can not be granted. Himanshu Kumar apprehends his forceful eviction. Many activists are meeting at the venue at 4 PM to express their solidarity with Himanshu Kumar and the Tribals of Chattisgarh to chalk out further plan of action. “All … Continue reading Self-Reflection Fast: How should India Behave With Its Tribal Population

आत्म चिंतन उपवास : भारत को आदिवासियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए

प्रिय साथियों, अभी आदिवासी इलाकों में शांति लाने के नाम पर बड़ी संख्या में सैन्य बलों को भेजने का काम किया जा रहा है . जबकि अभी तक का अनुभव यह रहा है कि हमारे सैन्य बलों के आदिवासी इलाकों में जाने से वहाँ अशांति ख़त्म नहीं हुई है बल्कि और भी ज़्यादा बढ़ गई है . पिछले काफी लंबे समय से आदिवासियों पर सरकारी … Continue reading आत्म चिंतन उपवास : भारत को आदिवासियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए

पुलिस ने सोनी सोरी से किया अपना वादा निभा दिया – Himanshu Kumar

दन्तेवाड़ा वाणी Thurday, May 16, 2013 पुलिस ने सोनी सोरी से किया अपना वादा निभा दिया पुलिस ने सोनी सोरी से किया अपना वादा निभा दिया . सोनी सोरी और उसके भतीजे लिंगा कोडोपी से पुलिस ने एक वादा किया था . छत्तीसगढ़ पुलिस ने लिंगा कोडोपी नाम के आदिवासी युवक को जबरन अपना विशेष पुलिस अधिकारी बनाने के लिये दंतेवाड़ा थाने में चालीस दिन … Continue reading पुलिस ने सोनी सोरी से किया अपना वादा निभा दिया – Himanshu Kumar

अब इन लोगों की ज़रूरत ही नहीं है – Himanshu Kumar

Thursday, April 18, 2013 कल दिल्ली की कुछ मानवाधिकार एवं दलित अधिकारों की सस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मैं भी हरियाणा के कैथल जिले के पबनावा गाँव में गया था . इस गाँव में रहने वाले दलित परिवारों के तीन सौ घरों में तोड़ फोड और लूट पाट की गई थी . बस्ती की युवा महिलायें और बच्चे अभी भी बस्ती में वापिस नहीं लौटे … Continue reading अब इन लोगों की ज़रूरत ही नहीं है – Himanshu Kumar

और आप कहेंगे सिपाहियों से कि ये कपडा ही राष्ट्र है – Himanshu Kumar

आपने एक ज़मीन के टुकड़े की एक सीमा बनाई उस ज़मीन के टुकड़े को राष्ट्र कहा इसमें रहने वाले सारे लोग अपने आप अब उस राष्ट्र के नागरिक हो गये अब इन सब लोगों के क्या अधिकार होंगे ?इनमे से कौन जन्म से ही सम्म्मानित माना जायेगा और कौन जन्म से ही अपमानित माना जाएगा ? कौन काट सकेगा किसके बच्चों को तलवारों को ?और … Continue reading और आप कहेंगे सिपाहियों से कि ये कपडा ही राष्ट्र है – Himanshu Kumar

माननीय न्यायाधीश महोद्य – Himanshu Kumar

माननीय न्यायाधीश महोद्य, सर्वोच्च न्यायालय, नईदिल्ली यह पत्र मैं आपको सोनी सोरी नाम की आदिवासी लड़की के सम्बन्ध में लिख रहा हूँ, जिसके गुप्तांगो में दंतेवाडा के एस.पी. ने पत्थर भर दिये थे और जिसका मुकदमा आपकी अदालत में चल रहा हैІ उस लड़की की मेडिकल जाँच आपके आदेश से कराई गई थी और डाक्टरों ने उस आदिवासी लड़की के आरोपों को सही पाया और … Continue reading माननीय न्यायाधीश महोद्य – Himanshu Kumar