आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

बाबा राम रहीम अपनी किसी शिष्या का यौन- शोषण करने से पहले कहता था कि वह उसे दुनियावी पापों से मुक्त कर रहा है। और यह कि जिस बाहरी दुनिया में वह रहकर आई है वह तो पापों से भरा था। बाबा की बातों में यह सन्निहित होता था कि वह शिष्या स्त्री होने के नाते चेतना की एक निम्न अवस्था है इसलिए दुनियावी पापों … Continue reading आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

Must Watch: #Not in my name Mumbai

#NotInMyName Mumbai | 500 People Turn Up Despite Torrential Rain हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी, शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए। हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में, हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए। … Continue reading Must Watch: #Not in my name Mumbai

हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

आप वो समाज हैं, जो बाबरी गिरने के बाद घरों की छतों पर खड़े हो कर थालियां पीट रहे थे..घंटे-घड़ियाल बजा रहे थे…रात को मशाल ले कर विजय जुलूस निकाल रहे थे…दीए जला रहे थे… आप वह समाज हैं, जो गुजरात के निर्मम जनसंहार में हज़ार लोगों के बेरहम क़त्ल को गोधरा को लेकर तर्कसंगत बताने में लगे थे…बिल्कीस के बलात्कार, उसकी तीन साल की … Continue reading हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

डरावने थे ये दिन, न जाने कब पुलिस उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लेती

डरावने थे ये दिन, न जाने कब पुलिस उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लेती बेगुनाहों के खिलाफ होकर अखिलेश ने फिर फंसा दिया न्यायिक प्रक्रिया में (शेख मुख्तार, अजीजुर्रहमान, मोहम्मद अली अकबर हुसैन जनवरी 2016 में आतंकवाद के आरोपों से बरी युवक) लखनऊ 10 फरवरी 2017। रिहाई मंच ने आतंकवाद के झूठे आरोप में 8 साल सात महीने बाद रिहा हुए पश्चिम बंगाल के तीन … Continue reading डरावने थे ये दिन, न जाने कब पुलिस उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लेती

“परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

लखनऊ, 04 जनवरी 2017। यूपी में परिवारवाद की जंग लड़ रही सपा द्वारा लोकतांत्रिक आवाजों के दमन और वादा खिलाफी के खिलाफ रिहाई मंच 16 जनवरी को लखनऊ में करेगा सम्मेलन। दस वर्ष पूर्व 16 जनवरी 2007 को रिहा हुए कोलकाता के आफताब आलम अंसारी की मां आयशा बेगम द्वारा रिहाई आंदोलन के एक दशक पूरा होने पर बरी बेगुनाह नौजवानों पर एक पुस्तक जारी … Continue reading “परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

पचास दिन पचास रात – बोधिसत्व

  यह बड़ी पुरानी बात है कोसल का एक राजा था एक दिन राजा ने उद्बोधन किया … प्रिय प्रजाजनों प्रिय संत जनों राष्ट्र हित में बस पचास दिन और पचास रात जो देता हूँ वह दुख सहन करो वह राजा था इसलिए उद्बोधन कर सकता था दुख सुख सब कुछ दे सकता था भक्त प्रजा ने भजन किया बस पचास दिन और पचास रात … Continue reading पचास दिन पचास रात – बोधिसत्व

बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है – Pankaj Dubey

सड़कों पर खामोशी बैंकों में शोर है रातें हैं लंबी जाने कहां भोर है डिजिटल के नाम पर नकदी ले गया चोर है बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है Continue reading बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है – Pankaj Dubey

दीपा कर्मकार सलाम! अभिनंदन! – Dilip Mandal

सवा सौ करोड़ उम्मीदों का बोझ उठाने का हौसला देखना हो तो दीपा कर्मकार में देखिए. उन स्थितियों को देखिए, जिसमें उसने यह कर दिखाया है. BBC के डॉक्यूमेंट्री में उसकी कही यह बात अरसे तक कान में गूंजती रहेगी कि – आपको तो पता भी नहीं होगा कि त्रिपुरा कहां है…. कोई ढंग का इक्विपमेंट नहीं था…. और मेरा तो फ्लैट फुट भी था! … Continue reading दीपा कर्मकार सलाम! अभिनंदन! – Dilip Mandal