गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -3 (Nitin Thakur)

1931 में जब चार्ली चैप्लिन गांधी से मिल रहे थे तब उन्हें बाज़ार में बढ़ते मशीनीकरण के नुकसानों का उतना अंदाज़ा नहीं था। दुनिया बहुत तेज़ी के साथ मशीनों पर निर्भर होती जा रही थी। पहले विश्वयुद्ध के बाद बर्बाद हुए देश तेज़ी से खड़े होने के लिए मशीनों पर सवार थे और जर्मनी उनमें सबसे आगे था। अंग्रेज़ों ने भी मैनचेस्टर में मशीनों से … Continue reading गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -3 (Nitin Thakur)

गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -1 ( Nitin Thakur)

साल 1936 में जर्मनी ओलंपिक खेलों का मेजबान था। एडोल्फ हिटलर के लिए ये मौका था जब वो दिखा सकता था कि अट्ठारह साल पूर्व पहली आलमी लड़ाई में हार चुका जर्मनी फिर से उठ खड़ा हुआ है। इन खेलों के सहारे वो जर्मनों की शर्मिंदगी को आत्मविश्वास में तब्दील कर डालना चाहता था। उसने टीवी नाम की मशीन का इस्तेमाल किया और पहली बार … Continue reading गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -1 ( Nitin Thakur)

एक बच्चा जिसे सब भूल जाते हैं- प्रदीप

  एक गड्ढा है जिसमें वह गिर गया है और उसके साथ जो आया है, वह रुकता नहीं उसके लिए. जैसे कई बार आपके सपने में होता होगा, आप गिरते चले जाते होंगे कहीं गहरे और चीख़ते होंगे लेकिन आवाज़…! वह तो अंदर ही कहीं गोल घूम कर रह गयी है. या फिर आपके जीवन में मौजूद आपसे सबसे ज़्यादा प्यार करने का दावा रखने … Continue reading एक बच्चा जिसे सब भूल जाते हैं- प्रदीप

आज देश किस आधार पर मान ले कि सीबीआई प्रधानमंत्री का तोता नहीं है? – Nitin Thakur

एनडीटीवी प्रमोटर पर छापे के दौरान ज़ी अजीब सी खुशी के साथ खबर चला रहा था. शायद उन्हें इस बात की शिकायत है कि जब उनकी इज्ज़त का जनाज़ा निकल रहा था तब उनका साथ किसी ने नहीं दिया. ज़ी का दर्द एक हद तक सही भी है. तब सभी ने चौधरी और अहलूवालिया का स्टिंग बिना ऐसे कुछ लिखे चलाया था कि “ये पत्रकारिता … Continue reading आज देश किस आधार पर मान ले कि सीबीआई प्रधानमंत्री का तोता नहीं है? – Nitin Thakur

Updated Statement From NDTV On CBI Raids

Communication | Updated: June 05, 2017 20:04 IST It is shocking that the CBI conducted searches on the NDTV offices and residence of the promoters without even conducting a preliminary enquiry. This is a blatant political attack on the freedom of the press as sources confirm that under pressure, the CBI has been compelled to file an FIR based on a shoddy complaint by a … Continue reading Updated Statement From NDTV On CBI Raids

हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

आप वो समाज हैं, जो बाबरी गिरने के बाद घरों की छतों पर खड़े हो कर थालियां पीट रहे थे..घंटे-घड़ियाल बजा रहे थे…रात को मशाल ले कर विजय जुलूस निकाल रहे थे…दीए जला रहे थे… आप वह समाज हैं, जो गुजरात के निर्मम जनसंहार में हज़ार लोगों के बेरहम क़त्ल को गोधरा को लेकर तर्कसंगत बताने में लगे थे…बिल्कीस के बलात्कार, उसकी तीन साल की … Continue reading हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से ज़्यादा कुछ नहीं था – Nitin Thakur

जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से बहुत ज़्यादा कुछ नहीं था। खेल के बहाने उनमें हिंदू पहचान का इंजेक्शन भरा जा रहा था। घर वाले संस्कार पढ़ाने और सेहत बनाने के लिए बच्चों को शाखा भेजते रहे और वही बच्चे वापसी में ‘कुछ अधिक हिंदू’ होने का दंभ दिमाग में भरे आते रहे। तब हिंदुओं … Continue reading जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से ज़्यादा कुछ नहीं था – Nitin Thakur

Shahid’s writer Sameer Gautam calls Apurva Asrani bad news

This is personal rant so please do not get irked by the heavy usage of “I” in the story. It is based on a true story just like the film Shahid. So, where do I start? Let me start by saying that I am the writer of Shahid that no one in the industry knows about except my team and my Director. You all know … Continue reading Shahid’s writer Sameer Gautam calls Apurva Asrani bad news

राजनीतिक ताकत खैरात में नहीं मिलती – Rakesh Kayasth

राजनीतिक शब्दावली में जिसे लिबरल डेमोक्रेट कहते हैं, मैं उसी तरह का आदमी हूं। वामपंथियों और दक्षिणपंथियों के संपर्क में बराबर-बराबर रहा हूं, इसलिए झुकाव किधर है, यह तय कर पाना मुश्किल है। बहुत सी सामाजिक परंपराओं में आस्था है। धर्म भी मानता हूं, इसलिए परंपरागत अर्थ में आप मुझे दक्षिणपंथ की तरफ झुका आदमी समझ सकते हैं। मैं उन लोगो में नहीं हूं जिन्हे … Continue reading राजनीतिक ताकत खैरात में नहीं मिलती – Rakesh Kayasth