मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं? – Shahnawaz Alam

मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं. भाषा गुंडे-बदमाशों वाली है. बीमार और तालिबानी ज़ेहनियत के लोग हैं. ये मुसलमान हैं और मुसलमानों के बीच रहते हैं. मैंने मुहम्मद शमी और इरफ़ान पठान की वॉल पर जाकर कमेंट्स करने वालों के काउंट्स बार-बार चेक किए हैं. मुझे हमेशा ओरिजनल अकाउंट्स मिले हैं. सही-ग़लत इस्लाम बताने वाले मुसलमान … Continue reading मुहम्मद शमी या इरफ़ान पठान की बीवी के पहनावों पर फ़ब्तियां कसने वाले मुसलमान हैं? – Shahnawaz Alam

मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी – Himanshu Kumar

आज पढ़ रहा था कि मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी जो व्यक्ति के स्वस्थ होने या उसके कर्मों के कारण उसके बीमार होने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में अपने ज्योतिष के हिसाब से बताएँगे, यह मूर्खता की पराकाष्ठा है. दूसरी खबर यह है कि सरस्वती शिशु मन्दिरों को सरकार चलायेगी और उनके शिक्षकों को अब … Continue reading मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी – Himanshu Kumar

काँग्रेस+समाजवादी+वामपंथी- रामचंद्र गुहा की ‘फैंटेसी’ में छिपा भविष्य का रास्ता – Pankaj Srivastava ————————————————————–

  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के नीम अंधेर कमरे में पहली बार यह शब्द-पद कान में पड़ा था- अमूर्त प्रत्यय ! वह बीए प्रथम वर्ष की कोई शुरुआती कक्षा थी। विज्ञान के विषयों से इंटरमीडिएट करके आने वाले मेरे जैसे छात्र के लिए इसका ठीक अर्थ समझने में कई साल लग गए। और जब थोड़ा- बहुत समझ आया तो पाया कि यह अपने किसी … Continue reading काँग्रेस+समाजवादी+वामपंथी- रामचंद्र गुहा की ‘फैंटेसी’ में छिपा भविष्य का रास्ता – Pankaj Srivastava ————————————————————–

फर्रुखाबाद की ट्रेन में मुस्लिम यात्रियों पर हमला एक बार फिर जुनैद काण्ड को दोहराने की कोशिश- रिहाई मंच

  पुलिस ने लचर विवेचना कर पहलू खान के हत्यारोपी को दिलवाई जमानत मोहसिन, अखलाक, अयूब और अब पहलू खान के हत्यारोपियों को जमानत से हत्यारों के हौसले होंगे बुलंद लखनऊ 14 जुलाई 2017। रिहाई मंच ने फर्रुखाबाद की एक ट्रेन में मुस्लिम यात्रियों पर हुए सांप्रदायिक हमले को एक बार फिर यूपी में जुनैद काण्ड को दोहराने की कोशिश करार दिया। मंच ने पहलू … Continue reading फर्रुखाबाद की ट्रेन में मुस्लिम यात्रियों पर हमला एक बार फिर जुनैद काण्ड को दोहराने की कोशिश- रिहाई मंच

आप लोगों ने मोदी जी के मुंह से अब तक इस पर कुछ सुना क्या? – Dilip Khan

  कल अलग गोरखालैंड के आंदोलन को एक महीना हो जाएगा। 29 दिनों से दार्जिलिंग जल रहा है। कई लोग मारे जा चुके हैं। अर्धसैनिक बलों से बात नहीं बनी तो सेना के जवानों को वहां उतारा गया, लेकिन बातचीत की अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। मान लिया गया कि ये पूरी तरह लॉ एंड ऑर्डर का मामला है। ममता बनर्जी तो पहले … Continue reading आप लोगों ने मोदी जी के मुंह से अब तक इस पर कुछ सुना क्या? – Dilip Khan

Must Watch: #Not in my name Mumbai

#NotInMyName Mumbai | 500 People Turn Up Despite Torrential Rain हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी, शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए। हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में, हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए। … Continue reading Must Watch: #Not in my name Mumbai

#NOT IN MY NAME is all about loving – Annie Zaidi

No, it wasn’t elitist (only the elite are saying that). No, it wasn’t just journalists. It wasn’t celebrity driven or foregrounded (but the TV people were keen on focusing on the 4/5 actors present). I’ll tell you what it was. It was a low, dense, dark sky spilling its guts out. It was a flooded road with over a foot of stagnating water (which probably … Continue reading #NOT IN MY NAME is all about loving – Annie Zaidi

इंदिरा दुर्गा और नेहरू खलनायक क्यों? – Rakesh Kayasth

  देश के इतिहास में संघियों के पिटने और जेल जाने की अगर कोई वाकया है, तो वह सिर्फ इमरजेंसी के दौर का है। लिखित माफी की भी कुछ कहानियां हैं। लेकिन यह सच है कि समाजवादियों के साथ संघियों ने भी इमरजेंसी के दौरान इंदिरा सरकार की प्रताड़ना सही। इतिहास बोध आजकल एक विलुप्तप्राय चीज़ है। लेकिन पुराने पत्रकारों से बात कीजिये तो पता … Continue reading इंदिरा दुर्गा और नेहरू खलनायक क्यों? – Rakesh Kayasth