सीवर एक खतरनाक जगह है – Dilip C Mandal

कश्मीर में हमारी लगभग एक तिहाई सेना तैनात है. सरकारी आंकड़ा है कि 2016 में वहां 60 सुरक्षाकर्मी देश की रक्षा करते हुए मारे गए, जो हाल के वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. कश्मीर एक खतरनाक जगह है. लेकिन इसी भारत में एक जगह कश्मीर से भी खतरनाक है. वह जगह है सीवर. इनकी सफाई करते हुए एक साल में 22,327 भारतीय नागरिक मारे … Continue reading सीवर एक खतरनाक जगह है – Dilip C Mandal

होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा – Amitaabh Srivastava

देव आनंद ने गाइड के निर्देशन के लिए पहले चेतन आनंद को ही चुना था लेकिन जब दो भाषाओँ में फिल्म बनना शुरू हुई तो तालमेल की कमी दिखने लगी . चेतन आनंद अलग हो गए और गोल्डी यानी विजय आनंद को निर्देशन की कमान मिली. चेतन ने उसी दरम्यान बनायी हक़ीक़त , जो गाइड की ही तरह हिंदी सिनेमा में मील का एक पत्थर … Continue reading होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा – Amitaabh Srivastava

गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -1 ( Nitin Thakur)

साल 1936 में जर्मनी ओलंपिक खेलों का मेजबान था। एडोल्फ हिटलर के लिए ये मौका था जब वो दिखा सकता था कि अट्ठारह साल पूर्व पहली आलमी लड़ाई में हार चुका जर्मनी फिर से उठ खड़ा हुआ है। इन खेलों के सहारे वो जर्मनों की शर्मिंदगी को आत्मविश्वास में तब्दील कर डालना चाहता था। उसने टीवी नाम की मशीन का इस्तेमाल किया और पहली बार … Continue reading गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -1 ( Nitin Thakur)

हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

आप वो समाज हैं, जो बाबरी गिरने के बाद घरों की छतों पर खड़े हो कर थालियां पीट रहे थे..घंटे-घड़ियाल बजा रहे थे…रात को मशाल ले कर विजय जुलूस निकाल रहे थे…दीए जला रहे थे… आप वह समाज हैं, जो गुजरात के निर्मम जनसंहार में हज़ार लोगों के बेरहम क़त्ल को गोधरा को लेकर तर्कसंगत बताने में लगे थे…बिल्कीस के बलात्कार, उसकी तीन साल की … Continue reading हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

रवीश बड़े नहीं ये वक्त बहुत छोटा है- Rakesh Kayasth

  बड़ी शख्सियतों की परछाइयों तक से मुझे  डर लगता है या खुलकर कहूं तो एलर्जी है। अनगिनत नामचीन लोगो से टकराने के बावजूद कभी निजी पीआर में नहीं पड़ा। मेरे व्यकित्व की अपनी सीमाएं, मेरा इगो, आप जो भी मानें। ऐसे में मुझे अपने किसी समकालीन या हमपेशा आदमी पर लेख लिखना पड़े तो ये वाकई बहुत कष्टप्रद है। कष्ट के साथ थोड़ी सी … Continue reading रवीश बड़े नहीं ये वक्त बहुत छोटा है- Rakesh Kayasth

अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.

एंटी रोमियो स्क्वाड के नाम पर मोरल पुलिसिंग करके सामंतवाद और जातिवाद को बढावा दे रही है सरकार – रिहाई मंच मनुवादी नही चाहते हैं की समाज से जातिवाद ख़त्म हो- मंच अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.   23 मार्च 2017 लखनऊ. रिहाई मंच ने  आरोप लगाया है … Continue reading अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.

HDI to be yardstick for SC/ST fund utilisation

MARCH 22, 2017 12:14 PM IST Depts. gearing up to ensure that the outcomes justify the budget allocation The SC and ST Welfare departments have enlisted the services of Centre for Economic and Social Studies to provide a baseline data on the human development index (HDI) parameters for the two communities in the State. With about ₹22,000 crore allocated for SC, ST Special Development Fund … Continue reading HDI to be yardstick for SC/ST fund utilisation

आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं – Mayank Saxena

आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं…चुनाव में हमेशा लोकतंत्र ही नहीं जीतता है। जर्मनी में पहली बार हिटलर भी चुनाव जीत कर ही आया था। इमरजेंसी के पहले, इंदिरा गांधी भी चुनाव जीत कर ही आई थी। परवेज़ मुशर्रफ ने भी चुनाव जीते थे। ट्रम्प ने भी जीता है। … Continue reading आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं – Mayank Saxena