मोदी और उनके उद्योगपति महंगे सूट न सिलवा कर गुलबर्ग सोसाइटी की मदद कर दें ! सेवा भाव कहाँ गया? – समीर होशियारपुरी

तीस्ता सेतलवाड़ जी ने कोशिश की, दंगा पीड़ितों की मदद करनी चाही. जो कुछ भी उनके वश में था उन्होंने किया. मोदी के इशारे पर एहसान जाफ़री के साथ गुलबर्ग सोसाइटी जला दी गई थी. जो पीड़ित बचे थे वे आज तक अलग अलग जगह पर रह रहे हैं. २००७ में पीड़ितों ने सोचा था कि अपने अपने घर बेच डालें, परन्तु कोई अच्छा खरीददार … Continue reading मोदी और उनके उद्योगपति महंगे सूट न सिलवा कर गुलबर्ग सोसाइटी की मदद कर दें ! सेवा भाव कहाँ गया? – समीर होशियारपुरी