साली मुफ्तखोर – Mayank Saxena

गांव गए हो कभी नुक्कड़ पर छप्पर के नीचे सुबह से गांजा लगा कर जुआ खेलते 9 पुरुष आपस में बात करते हैं अपनी औरतों से बेहद परेशान कहते हैं कल साली को खूब मारा आज कल हरामखोर हो गई है काम में मन नहीं लगता है साली मुफ्तखोर दो पड़े हैं देखो कैसे सुबह से लगी है खेत में काम पर अब देखो मुन्ना … Continue reading साली मुफ्तखोर – Mayank Saxena