Learnprozess – Erich Fried

एरिच फ्रीड की 3 कविताएं अनुवाद – मयंक सक्सेना Learnprozess (सीखने का प्रक्रम) मैं कुछ नहीं हूं मैं हूं विश्व का आखिरी अस्तित्वहीन अपने समय की क्रांति का चीखा….एक प्रेरणा पाता कलाकार उन्होंने दोहराया तुम कुछ नहीं हो तुम आखिरी बचे अस्तित्वहीन प्राणी हो हमारी क्रांति में इस बार वो हताश था… ……………… Asche (राख) हां, मैं राख हूं.. अपनी ही आग की राख मैं … Continue reading Learnprozess – Erich Fried