राजीव गोस्वामी याद है आप को? हार्दिक पटेल याद रहेगा? – श्याम आनंद झा

मंडल कमीशन की सिफारिशों को मंज़ूरी के बाद देश से दिल्ली तक सवर्ण युवकों को भ्रमित कर, एक तरह की सामंती मानसिकता को एक आंदोलन के रंग में पेश किया गया था। लेकिन हार्दिक पटेल के उभार को भी सिर्फ एक राजनीति या सिर्फ एक आंदोलन की तरह देखने की ज़रूरत नहीं है। जब तक इसकी असलियत सामने नहीं आती, तब तक इसको हर कोण से … Continue reading राजीव गोस्वामी याद है आप को? हार्दिक पटेल याद रहेगा? – श्याम आनंद झा

खाद का इतिहास नहीं लिखा जाता – Dilip Mandal

कुछ लोग खाद होते हैं. खाद का इतिहास नहीं लिखा जाता, कुछ समय बाद नजर भी नहीं आता, लेकिन यह बड़ी जरूरी चीज है इसके बिना फसल नहीं होती है इसलिए खाद को भूलिए मत! इन दिनों जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी को पास से देखने का मौका मिला. कई कोर्स की एडमिशन लिस्ट देखी. लगभग हर कोर्स में SC-ST-OBC स्टूडेंट्स की संख्या 50% से ज्यादा है. … Continue reading खाद का इतिहास नहीं लिखा जाता – Dilip Mandal

फेसबुक की रॉंग साइड ड्राइविंग – दिलीप मंडल

उनसे कोई शिकायत नहीं है, जो मेरे नाम की नक़ली प्रोफ़ाइल बनाकर उसपर कुछ कुछ लिख रहे हैं। यह सब शरीर से बड़े हो चुके कुछ बच्चों का खेल है। डायपर पहनकर जो विरोध और विमर्श का तमाशा कर रहे हैं, उन बेचारों पर तो नाराज़ हो पाना भी मुश्किल है। उनकी भाषा उनका परिचय है, उनके हिसाब से उनका “संस्कार” है। प्लीज़, उन्हें माफ़ … Continue reading फेसबुक की रॉंग साइड ड्राइविंग – दिलीप मंडल

IIT Bombay forms Ambedkar-Periyar-Phule Study Circle

Protests against the decision of IIT Madras administration to ban the Ambedkar-Periyar Study Circle (APSC) spread to Mumbaion Monday with over a hundred students from different institutions staging a rally at the Dadar station here. “We see nothing wrong with what APSC has done. It is not a new group. We condemn the decision to ban it. Even if you think they did something wrong, … Continue reading IIT Bombay forms Ambedkar-Periyar-Phule Study Circle

क्या होगा धर्मान्तरण कानून से? – कॅंवल भारती

संघ परिवार और भाजपा ने देश में लगभग वही साम्प्रदायिक हालात पैदा कर दिए हैं, जो उसने 1990-93 में पैदा किए थे। 1993 में केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने आक्रामक साम्प्रदायिकता से निपटने के लिए संसद में एक ‘धर्म-विधेयक’ प्रस्तुत किया था। अगर वह विधेयक पास हो गया होता, तो भाजपा की बेलगाम साम्प्रदायिकता पर लगाम लग गई होती। पर कांग्रेस की गलती से ही … Continue reading क्या होगा धर्मान्तरण कानून से? – कॅंवल भारती

गीता पर खतरनाक राजनीति -(कॅंवल भारती)

तवलीन सिंह वह पत्रकार हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनावों में नरेन्द्र मोदी के पक्ष में लगभग अन्धविश्वासी पत्रकारिता की थी। लेकिन अब वे भी मानती हैं कि ‘मोदी सरकार ने जब से सत्ता सॅंभाली है, एक भूमिगत कट्टरपंथी हिन्दुत्व की लहर चल पड़ी है।’ उनकी यह टिप्पणी साध्वी निरंजन ज्योति के ‘रामजादे-हरामजादे’ बयान पर आई है। लेकिन इससे कोई सबक लेने के बजाए यह भूमिगत हिन्दू … Continue reading गीता पर खतरनाक राजनीति -(कॅंवल भारती)

किस भगवान ने गरीबों का भला किया है? – कॅंवल भारती

चाटुकार लोग कितनी जल्दी अपनी निष्ठा बदलते हैं, इसका ताजा उदाहरण लोकेश चन्द्र हैं, जिन्हें मोदी सरकार ने आईसीसीआर का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। जीवन भर कांग्रेस में रहकर खूब मलाई खाई और पद्मभूषण का तमगा हासिल किया। अब मोदी की चाटुकारिकारिता करके भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के उपाध्यक्ष से अध्यक्ष बन गए हैं। यानी उन्होंने अपने हिन्दुत्ववादी मिथकीय विचारों से कांग्रेस में रहकर … Continue reading किस भगवान ने गरीबों का भला किया है? – कॅंवल भारती