निराला अन्तर्जातीय विवाह और दलित शिक्षा के विरोधी थे – कॅंवल भारती

कहा जा रहा है कि मैंने ‘निराला का वर्णाश्रम प्रेम’ में निराला को आधा उद्धरित किया है, आधा छोड़ दिया है, जिसमें निराला ने शूद्र शक्ति के उत्थान और जागरण में देश के पुनरुद्धार की बात कही है। मैंने जो छोड़ा है, उसे मैं यहाॅं प्रस्तुत कर रहा हूॅं। असल में सवाल छोड़ने का नही है, वरन् विश्लेषण का है। निराला के कथन में व्यंग्य … Continue reading निराला अन्तर्जातीय विवाह और दलित शिक्षा के विरोधी थे – कॅंवल भारती