माननीय न्यायाधीश महोद्य – Himanshu Kumar

माननीय न्यायाधीश महोद्य, सर्वोच्च न्यायालय, नईदिल्ली यह पत्र मैं आपको सोनी सोरी नाम की आदिवासी लड़की के सम्बन्ध में लिख रहा हूँ, जिसके गुप्तांगो में दंतेवाडा के एस.पी. ने पत्थर भर दिये थे और जिसका मुकदमा आपकी अदालत में चल रहा हैІ उस लड़की की मेडिकल जाँच आपके आदेश से कराई गई थी और डाक्टरों ने उस आदिवासी लड़की के आरोपों को सही पाया और … Continue reading माननीय न्यायाधीश महोद्य – Himanshu Kumar

छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद आदिवासी – Himanshu Kumar

स्वामी अग्निवेश द्वारा सूचना के अधिकार के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की जेलों के विषय में माँगी गई सूचना के जवाब में सरकार ने निम्नांकित सूचना दी है . जगदलपुर जेल में नक्सली मामलों के 546 विचाराधीन कैदी बंद हैं जिनमे 512 कैदी आदिवासी हैं दंतेवाड़ा जेल में नक्सली मामलों के 377 विचाराधीन कैदी बंद हैं जिनमे 372 कैदी आदिवासी हैं कांकेर जेल में नक्सली मामलों के … Continue reading छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद आदिवासी – Himanshu Kumar

आपके पास सिर्फ कागज का रुपया है-Himanshu Kumar

आप शहर में रहते हैं ! आप अमीर हैं. लेकिन ध्यान से देखिये आपके पास असल में कुछ भी नहीं है. ना सब्जी ना गेहूं ना मछली ना दूध ना सोना ना हीरा . आपके पास सिर्फ कागज का रुपया है .अपने कागज के रूपये खुद ही छाप लिये .इस कागज का एक काल्पनिक मूल्य है . कि एक सौ रूपये के बदले कितना सब्जी,गेहूं … Continue reading आपके पास सिर्फ कागज का रुपया है-Himanshu Kumar

Jan Myrdal’s Red Star Over India – Suruchi Mazumdar

  Excerpts from an interview with Swedish writer Jan Myrdal at the opening of his book Red Star over India at Kolkata Book Fair in January 2012 1. Maoist groups now extend support to people’s movements in defence of right to land and forest in tribal areas and have reoriented their politics. Does that make the movement stronger than before? 32 years ago, I visited … Continue reading Jan Myrdal’s Red Star Over India – Suruchi Mazumdar