किस भगवान ने गरीबों का भला किया है? – कॅंवल भारती

चाटुकार लोग कितनी जल्दी अपनी निष्ठा बदलते हैं, इसका ताजा उदाहरण लोकेश चन्द्र हैं, जिन्हें मोदी सरकार ने आईसीसीआर का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। जीवन भर कांग्रेस में रहकर खूब मलाई खाई और पद्मभूषण का तमगा हासिल किया। अब मोदी की चाटुकारिकारिता करके भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के उपाध्यक्ष से अध्यक्ष बन गए हैं। यानी उन्होंने अपने हिन्दुत्ववादी मिथकीय विचारों से कांग्रेस में रहकर … Continue reading किस भगवान ने गरीबों का भला किया है? – कॅंवल भारती

डा. आंबेडकर का मिशन राजकीय समाजवाद है – (कँवल भारती)

      डा. आंबेडकर का मिशन ‘राजकीय समाजवाद’ था. मायावती जी के भक्त, जिन्होंने डा. आंबेडकर के साहित्य की ABC भी नहीं पढ़ी है, अगर चाहें तो उनकी एक किताब “राज्य और अल्पसंख्यक” जरूर पढ़ लें, वरना बहस में वे हमेशा मात खायेंगे. मैं यहाँ स्वयं कुछ न कह कर डा. तेज सिंह के शब्दों को प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिनका अभी कुछ दिनों … Continue reading डा. आंबेडकर का मिशन राजकीय समाजवाद है – (कँवल भारती)

मजबूत और स्थायी सरकार के मायने

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत के बाद अखबार, टीवी चेनल्स, सोशल साइट्स और गली, मोहल्लों, घरों में होने वाली चर्चा में एक बात लगातार सुनने को मिल रही है कि स्पष्ट बहुमत से एक मजबूत और स्थायी सरकार बनेगी जो देश के लिए बहुत फायदे की चीज़ है.  कारण पूछने पर जवाब मिलता है कि किसी भी नीति, कानून या कार्यक्रम पर … Continue reading मजबूत और स्थायी सरकार के मायने

इस्लामी आतंकवाद या फिर हिन्दू चरमपंथ? – संजय तिवारी

07/07/2013 23:45:00 रविवार की सुबह बोधगया के पवित्र महाबोधि मंदिर में लगातार नौ बम विस्फोट क्या कोई सीरीयल बम ब्लास्ट थे जैसा कि आमतौर पर आतंकी कार्रवाइयों के वक्त नजर आता है? या फिर कुछ सिरफिरों की ऐसी कारस्तानी थी जो बिहार में नीतीश सरकार को बदनाम करने के साथ साथ बौद्ध अनुयायाइयों को बिना नुकसान पहुंचाए सिर्फ डराने के लिए फुलझड़िया फोड़ दीं? देश … Continue reading इस्लामी आतंकवाद या फिर हिन्दू चरमपंथ? – संजय तिवारी

To the Self-Obsessed Marxists And The Pseudo Ambedkarites – Anand Teltumbde

Countercurrents.org Frankly I curse myself for having gone to Chandigarh. Not so much because I am embarrassed by the unseemly controversy created by certain pseudo Ambedkarites in Maharashtra but because I am deeply saddened to see the egotistic bunch of people with frozen mind masquerading as Marxists. I imagined there will be serious discussions on the current state of castes and the possible way out … Continue reading To the Self-Obsessed Marxists And The Pseudo Ambedkarites – Anand Teltumbde