शत्रु की मृत्यु से उपजी जय मेरा धर्म वाक्य है – Himanshu Kumar

मैं उस सभ्यता का वंशज हूं जिसकी शुरुआत मे एक औरत की जली हुई लाश है जो मोहनजोदडो के तालाब की आखरी सीढ़ी पर पडी है और जो सभ्यता वर्तमान मे एक औरत की योनी मे पत्थर भरने को राष्ट्रीय गौरव मानती है   मेरी सभ्यता की सारी पवित्र ऋचाओं का जन्म अनार्य असुरों के वध के उल्लास के क्षणों मे हुआ मेरा धर्म युद्ध … Continue reading शत्रु की मृत्यु से उपजी जय मेरा धर्म वाक्य है – Himanshu Kumar