भंगी का उद्भव : कब और कैसे? -कँवल भारती

प्रोफेसर श्यामलाल की पुस्तक ‘Ambedkar and The Bhangis’ से भंगी का उद्भव : कब और कैसे? ‘The Bhangi : The Lowest of the Low Untouchable Castes’ शीर्षक पहले अध्याय में प्रोफेसर श्याम लाल ने भारत के अलग-अलग प्रान्तों में मैला उठाने वाले लोगों को किन-किन नामों से जाना जाता है, इसका वर्णन करते हुए यह पता लगाने की कोशिश की है कि वे भंगी कैसे … Continue reading भंगी का उद्भव : कब और कैसे? -कँवल भारती

नए वर्ष के आगमन पर..(कँवल भारती)

नया वर्ष तू क्या लेकर आया है? आशाएं विश्वास हमें तो करना ही है क्यों न करेंगे? करते ही आये हैं. वांच रहे हैं लोग राशियाँ राशिफल में कुछ के चेहरे मुरझाये हैं, कुछ के फिर भी खिले हुए हैं. आँखों देखा नहीं समझते, कागद लेखे सीस नवाते. पता नहीं क्यों विसराते हम इस यथार्थ को वृक्ष बबूल का बोएँगे तो आम कहाँ पाएंगे? बोएँगे … Continue reading नए वर्ष के आगमन पर..(कँवल भारती)

फिरकापरस्तों के हवाले वतन साथियो (कँवल भारती)

      मुरादाबाद के कांठ में जनता और पुलिस के संघर्ष से बचा जा सकता था. किन्तु, जिला प्रशासन ने मुजफ्फरनगर के दंगों से भी कोई सबक नहीं लिया और सरकार की मंशा के अनुरूप एक गुट को खुश करने के लिए दूसरे गुट के खिलाफ कार्यवाही करके पूरी फिजा बिगाड़ दी. प्रशासन को तब तो और भी सावधानी बरतनी चाहिए थी, जब उसे … Continue reading फिरकापरस्तों के हवाले वतन साथियो (कँवल भारती)

संघ परिवार का दलित आन्दोलन – कँवल भारती

पिछले चार साल से संघ परिवार की ओर से हिन्दी में “दलित आन्दोलन पत्रिका” मासिक निकल रही है, जो अपनी भव्यता में किसी भी दलित पत्रिका का मुकाबला नहीं कर सकती. बढ़िया चिकने मैपलीथो कागज पर छपने वाली, बड़े आकार की इस बारह पृष्ठीय पत्रिका का हर पृष्ठ रंगीन होता है. इसके प्रकाशक-संपादक डा. विजय सोनकर शास्त्री हैं, जो एक समय केन्द्र की बाजपेयी सरकार … Continue reading संघ परिवार का दलित आन्दोलन – कँवल भारती