बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे – Dilip Mandal

बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे.   हैदराबाद – सिकंदराबाद की राजनीति लंबे समय से हिंदू बनाम मुस्लिम के द्वेत यानी binary में फंसी थी. एक तरफ ओवैसी परिवार तो दूसरी तरफ बीजेपी, आरएसएस. हैदराबाद यूनिवर्सिटी शहर के अंदर होते हुए भी इस द्वेत से अलग चल पड़ी. आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बाकी लोकतांत्रिक ताकतों के साथ … Continue reading बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे – Dilip Mandal

सेवा में, कुलपति…शुभाकांक्षी वेमुला रोहिथ चक्रवर्ती

सेवा में, कुलपति, हैदराबाद विश्वविद्यालय विषय – दलित समस्या का समाधान महोदय, सबसे पहले मैं हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर में दलित के आत्म सम्मान के आंदोलन पर आपके निर्णय की प्रशंसा करता हूं कि जब एबीवीपी के अध्यक्ष द्वारा दलितों पर अभद्र टिप्पणी पर सवाल पूछे गए, तो आपने जो निजी रुचि इस मामले में दिखाई, वह ऐतेहासिक और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली है। 5 दलित … Continue reading सेवा में, कुलपति…शुभाकांक्षी वेमुला रोहिथ चक्रवर्ती

मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire

मैंने तेरा खत पढ़ा और रहा में चुप खड़ा तू आया रोया मर गया तू लड़ गया सूली चढ़ा सितारों की तू धुल था तू जंगलों का फूल था मैं सदियों का फंसा हुआ मैं सदियों का धंसा हुआ सड़ा हुआ सही मगर मेरा भी एक उसूल था विज्ञान मेरी जेब में और ज्ञान मेरे सर चढ़ा वो तुझको ना बचा सका जो कुछ भी … Continue reading मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire

झूठ कि रोहित ने उत्पीड़न से परेशान हो आत्महत्या की – Mayank Saxena

पहला झूठ ये था कि रोहिथ ने उत्पीड़न से परेशान कर आत्महत्या की… दूसरा झूठ ये था कि रोहिथ का कोई उत्पीड़न हो भी रहा था… तीसरा झूठ था कि रोहिथ को किसी केंद्रीय मंत्री के कहने पर निष्कासित किया गया… चौथा झूठ था कि रोहिथ को एबीवीपी के दबाव में निष्कासित किया गया… पांचवा झूठ था कि रोहिथ को निष्कासित किया गया… छठा झूठ … Continue reading झूठ कि रोहित ने उत्पीड़न से परेशान हो आत्महत्या की – Mayank Saxena

वाह रे वीर शिरोमणि! किससे लड़ रहे हो? – Dilip Mandal

रोहित वेमुला और आंबेडकर एसोसिएशन के उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए स्मृति ईरानी को आधिकारिक पत्र लिखने वाले केंद्रीय मंत्री बंदारू दत्तात्रेय RSS की एक सभा में असलहों यानी हथियारों की पूजा करते हुए. नरेंद्र मोदी की सरकार देश के इतिहास की पहली ऐसी केंद्रीय सरकार है, जिसके एक मंत्री पर SC, ST उत्पीड़न कानून की धाराओं के तहत केस चल रहा … Continue reading वाह रे वीर शिरोमणि! किससे लड़ रहे हो? – Dilip Mandal

101 YEARS OF BEGUM QUDSIA ZAIDI

    Begum Qudsia Zaidi was a writer, social worker, and theatre practitioner who played a seminal role in the development of theatre in India post-Independence. In 1957-58 she set up, with Habib Tanvir, the Hindustani Theatre that became the cradle for some of the greatest theatre artists in the country. She also translated more than 20 plays of World Theatre from Sanskrit plays of … Continue reading 101 YEARS OF BEGUM QUDSIA ZAIDI

We must replace the constitution with his suicide note – Akhu Chingangbam

  A fascist university, A body hanged in the dormitory A saffronised country Writing the same old history In favour of casteism Killing Muslims, Dalits Yesterday they killed a Dalit His name was Rohith We must replace the constitution With his suicide note.   Continue reading We must replace the constitution with his suicide note – Akhu Chingangbam

जो रोहित ने नहीं कहा – Apoorvanand

  “मैं औपचारिकताएं लिखना भूल गया। अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने के मेरे इस फैसले के लिए कोई और ज़िम्मेदार नहीं है। मुझे किसी ने उकसाया भी नहीं है, न ही अपने लफ़्ज़ों से और न ही हरक़तों से। यह मेरा फैसला है और इसके लिए पूरी तरह से मैं ज़िम्मेदार हूं। मेरे दोस्तों और दुश्मनों को, मेरे जाने के बाद परेशान न किया जाए।” रविवार … Continue reading जो रोहित ने नहीं कहा – Apoorvanand