मैं नास्तिक क्यों हूँ? – भगतसिंह (1931)

      यह लेख भगत सिंह ने जेल में रहते हुए लिखा था और यह 27 सितम्बर 1931 को लाहौर के अखबार “ द पीपल “ में प्रकाशित हुआ । इस लेख में भगतसिंह ने ईश्वर कि उपस्थिति पर अनेक तर्कपूर्ण सवाल खड़े किये हैं और इस संसार के निर्माण , मनुष्य के जन्म , मनुष्य के मन में ईश्वर की कल्पना के साथ … Continue reading मैं नास्तिक क्यों हूँ? – भगतसिंह (1931)

भ्रष्टाचार मुक्त शासन और विकास के भ्रम साथ हिंदुत्व का घालमेल – किशोर

भारतीय जनता पार्टी ने अडवाणी को लोकसभा चुनाव में गाँधी नगर से प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है. कहा जा रहा है कि यह निर्णय अडवाणी की असहमती  होने के बावजूद मोदी के इशारे पर लिया गया है. अटकलों का बाज़ार गरम है कि वो गाँधी नगर से चुनाव नहीं लड़ना चाहते क्योंकि उन्हें आशंका है कि मोदी उन्हें इस सीट पर हरवाने का प्रयास … Continue reading भ्रष्टाचार मुक्त शासन और विकास के भ्रम साथ हिंदुत्व का घालमेल – किशोर

The real story behind the corruption charges against activist Teesta Setalvad

        The Gujarat government wants activist Teesta Setalvad to be interrogated in custody about charges of embezzling donations collected to build a communal violence museum. But the charges against Setalvad seem to be an attempt to intimidate her to withdraw cases she has helped Zakia Jafri to file against Narendra Modi. On Thursday, the Gujarat High Court adjourned the hearing of a case … Continue reading The real story behind the corruption charges against activist Teesta Setalvad

नस्लवादी भेदभाव, राष्ट्रीयता और इंसानी समानता का मूलभूत सिद्धांत-किशोर

    पिछले दिनों नस्लवादी भेदभाव पर बहसों का बाज़ार गर्म रहा. दिल्ली के मुख्तलिफ़ हिस्सों में उत्तरपूर्व और अफ़्रीकी मूल   के लोगों के खिलाफ होने वाले व्यवहार पर रोष प्रगट किया गया और विरोध प्रदर्शन भी हुए. सियासी पार्टियों ने इन घटनाओ के विरोध में बयान दिए, इनके रहनुमाओ   ने उन समूहों से मुलाकात करके अपनी एकजुटता दिखाई और नस्लवाद के ख़िलाफ़ उनके साथ … Continue reading नस्लवादी भेदभाव, राष्ट्रीयता और इंसानी समानता का मूलभूत सिद्धांत-किशोर

Socialism DOES Work – Jeremy Corbyn

Jeremy Corbyn gives his argument that Socialism does work. SUBSCRIBE for more speakers ► http://is.gd/OxfordUnion Jeremy Corbyn addresses the issue of healthcare saying that the socialist and communist thinkers of the 19th Century had a vision that healthcare should be available to all people, this had lead to the NHS today and is something we should be proud of. He concludes by saying the chamber … Continue reading Socialism DOES Work – Jeremy Corbyn

ओपिनियन बता नहीं बना रहा है मीडिया: अभिषेक पाराशर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ‘लहर’ इन दिनों मीडिया में सबसे बड़ा मुद्दा है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक टीवी चैनलों में जहां पर प्राइम टाइम के दौरान होने वाली बहस में तथाकथित सर्वेक्षणों के आधार पर यह बताने की कोशिश की जा रही है कि देश में मोदी की लहर है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि जनमत निर्माण में … Continue reading ओपिनियन बता नहीं बना रहा है मीडिया: अभिषेक पाराशर

दूसरों के बारे में सोचो: महमूद दरवेश

जब तुम तैयार कर रहे होते हो अपना नाश्ता दूसरों के बारे में सोचो (भूल मत जाना कबूतरों को दाने डालना) जब तुम लड़ रहे होते हो अपने युद्ध दूसरों के बारे में सोचो (मत भूलो उनके बारे में जो चाहते हैं शान्ति) जब तुम चुकता कर रहे होते हो पानी का बिल दूसरों के बारे में सोचो (उनके बारे में जो टकटकी लगाए ताक … Continue reading दूसरों के बारे में सोचो: महमूद दरवेश

पैसे का लोकतंत्र और पैसे की ख़बरें: भूपेन सिंह

केंद्र की यूपीए सरकार पेड न्यूज़ छापने वाले मीडिया संस्थानों के ख़िलाफ़ कोई कदम उठाने के मामले में तो पहले ही हाथ खड़े कर चुकी है, अब वह चुनावों के दौरान पैसा देकर ख़बर छपवाने वाले नेताओं को बचाने के लिए भी खुलकर सामने आ गई है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश एक हलफनामे में कहा है कि चुनाव आयोग को किसी जन प्रतिनिधि … Continue reading पैसे का लोकतंत्र और पैसे की ख़बरें: भूपेन सिंह

यहां पत्रकार कौन है? भूपेन सिंह

प्रणय रॉय, राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, अरुण पुरी, रजत शर्मा, राघव बहल, चंदन मित्रा, एमजे अकबर, अवीक सरकार, एन राम, जहांगीर पोचा और राजीव शुक्ला का परिचय क्या है? ये पत्रकार हैं या व्यवसायी? बहुत सारे लोगों को ये सवाल बेमानी लग सकता है। लेकिन भारतीय मीडिया में नैतिकता का संकट जहां पहुंचा है, उसकी पड़ताल के लिए इन सवालों का जवाब तलाशना बहुत जरूरी … Continue reading यहां पत्रकार कौन है? भूपेन सिंह

Gandhi Murder and Role of RSS: Debate Continues – Ram Puniyani

  Last week (March 2014) Rahul Gandhi in an election campaign meeting said that ‘RSS people killed Gandhiji and today their people and BJP talk of him…They opposed Sardar Patel and Gandhiji.” In a reaction to his statement RSS has lodged a complaint with election commission. This is not the first time that Rahul Gandhi has made such a statement; on an earlier occasion also … Continue reading Gandhi Murder and Role of RSS: Debate Continues – Ram Puniyani