अरे हैवानों-दरिंदों – (कँवल भारती)
अरे हैवानों-दरिंदों तुमने साबित कर दिया कि तुम्हारा कोई वास्ता इस्लाम से नहीं है, तुमने खून से लथपथ कर दिया कुरान को कौन शैतान है जो तुम्हें इस्लाम का गलत सबक सिखाता है कौन है जो तुम्हें सिखाता है कि मारोगे बेगुनाहों को तो ख़ुदा तुम्हें बख्शेगा जन्नत? कितना अँधेरा भर दिया है तुम्हारे जहनों में आँखों पर पर्दा—कि जिसे समझते हो सबाबे-जिहाद वह कितना … Continue reading अरे हैवानों-दरिंदों – (कँवल भारती)