मैं उम्र से आगे न निकल जाऊं – ILA JOSHI

हाँ मुझे जलन होती है, उन सब लोगों से, जिनकी ज़रूरतों को, माना जाता है ज़रूरत, मिलता है उन्हें, प्यार, दुलार, सहानुभूति, कंधे का सहारा.. और मेरी उन ज़रूरतों को भी तुम, करते हो नज़रंदाज़, लगती हैं तुम्हे वो अव्वल दर्ज़े की बेवकूफियाँ, मेरे मूर्ख होने के सबूत, प्यार तो बहुत दूर की बात, तरसती हूँ मैं, तुम्हारी आवाज़ तक सुनने को… माँ की तरह … Continue reading मैं उम्र से आगे न निकल जाऊं – ILA JOSHI

हार बहुत ज़रूरी है – Mayank Saxena

हार बहुत ज़रूरी है आपको बताने के लिए कि हर मोर्चे पर आप जीत जाएं ये दुनिया इतनी भी आसान नहीं है ==================== कामरेड सुदीप्तो…. मैं ठीक तुम्हारी ही तरह मर जाना चाहता हूं लड़ते हुए चिल्लाते हुए बिना डरे औऱ बिना एक बार किए उफ़ हां कामरेड क्रांति की इमारत की नींव में भर जाना चाहता हूं मैं ठीक तुम्हारी तरह मर जाना चाहता … Continue reading हार बहुत ज़रूरी है – Mayank Saxena

उदास मौसम के खि़लाफ़ – Shalini

उदास मौसम के खि़लाफ़ हम लड़े हैं साथी एक नयी राह बनाते हुए, प्रतिकूल हवाओं के ख़ि‍लाफ़ हम लड़े हैं साथी उखड़े तम्‍बुओं वालों की घिनौनी तोहमतों के ख़ि‍लाफ़ हम लड़े हैं साथी, मौत पर राजनीति करने वाले गिद्धों के ख़ि‍लाफ़ हम लड़े हैं साथी उल्‍टे पैर घर लौटती दुनियादारी के ख़ि‍लाफ़ सीलन भरे अँधेरे के ख़ि‍लाफ़, वैचारिक प्रदूषण और दि‍खावटी प्रतिबद्धता के ख़ि‍लाफ़। और … Continue reading उदास मौसम के खि़लाफ़ – Shalini

नालायक लोग – मयंक

वो लोग बेहद नालायक थे जानबूझ कर खाते नहीं थे अच्छा खाना कई बार तो खाना खाते ही नहीं थे जान के खतरे के बावजूद पीते थे वो उस गड्ढे का गंदा-बदबूदार पानी कभी कभी पानी भी पीते ही नहीं थे वे इतने बेशर्म थे कि उनके, उनके बच्चों यहां तक कि उनकी महिलाओं के जिस्म पर भी नहीं होते थे कपड़े वो बेहूदे जाहिल … Continue reading नालायक लोग – मयंक

कागज़ बचेगा तो देश बचेगाः मयंक सक्सेना

पुल कागज़ों पर बने वहीं थी क्योंकि नहर और सड़क भी कागज़ों पर ही मिलती रही विधवाओं को पेंशन होते रहे किसान अमीर और कभी भी कहीं भी भूख से नहीं मरा कोई पूरे मुल्क में सिर्फ कागज़ों पर ही वो कागज़ ही थे जहां नहीं मारी गई कोई महिला दलित नहीं हुए दंगे नही हुए घोटाले नहीं हुआ इंसानियत का बलात्कार आप समझ रहे … Continue reading कागज़ बचेगा तो देश बचेगाः मयंक सक्सेना

स्तीफा – Himanshu Kumar

आप को विकास करना है आप को मेरी ज़मीन पर कारखाना लगाना है तो आप सरकार से कह कर मेरी ज़मीन का सौदा कर लेंगे फिर आप मेरी ज़मीन से मुझे निकलने का हुक्म देंगे में नहीं हटूंगा तो आप मुझे मेरी ज़मीन से दूर करने के लिये अपनी पुलिस को भेजेंगे आपकी पुलिस मुझे पीटेगी , मेरी फसल जलायेगी आपकी पुलिस मेरे बेटे को … Continue reading स्तीफा – Himanshu Kumar

यहूदियों के खिलाफ नहीं फासीवादी विचारधारा ज़ियनवाद के मुखालिफ हैं (Not Anti- Semitic. We Are Anti-Fascism and Anti Zionist)- Khursheed Anwar

हम यहूदियों के खिलाफ नहीं फासीवादी विचारधारा ज़ियनवाद के मुखालिफ हैं इस्राइल और जियनवाद के बारे में दस जरूरी बातें 1. सामी विरोध एक नस्लवादी विचारधारा है जिसके निशाने पर यहूदी होते हैं। समाज में उसकी आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक जड़ों के खिलाफ संघर्ष जरूरी है। 2. जियनवाद-विरोध दरअसल जियनवादी आन्दोलन के खिलाफ संघर्ष है। जियनवाद एक ऐसा आन्दोलन है जिसका उद्गम 19वीं सदी … Continue reading यहूदियों के खिलाफ नहीं फासीवादी विचारधारा ज़ियनवाद के मुखालिफ हैं (Not Anti- Semitic. We Are Anti-Fascism and Anti Zionist)- Khursheed Anwar