ये लखनऊ विश्विद्यालय की छात्रा पूजा शुक्ल हैं .
परिसर में भूख हड़ताल पर बैठी हैं . जल भी त्यागने जा रही हैं .तबियत बिगड़ सकती है . विश्विद्यालय का प्रचारक कुलपति इन्हें इसलिए नया प्रवेश नहीं दे रहा क्योंकि उसने मुख्यमंत्री योगी का विरोध किया था .हम लोग छात्र आंदोलन के दौर में मुख्यमंत्री का पुतला भी जलाते थे और विरोध भी करते थे .इस काम में संघी रविदास मेहरोत्रा से लेकर वामपंथी अंजान भी थे .पर कभी किसी भी मुख्यमंत्री के विरोध पर प्रवेश नहीं रोका गया .यह गैर लोकतांत्रिक हरकत है .इस कुलपति की घोर निंदा करते हुए मामला उच्च न्यायालय ले जाना चाहिए और कुलपति के खिलाफ कार्यवाई की जानी चाहिए
Ambrish Kumar
लड़ाई असभ्यता और सभ्यता के बीच की है
क्रूरता और करुणा में से अपना पक्ष चुन लीजिए
—————————————————-Sadaf Jafar की गोद में सिर रखकर लेटी Pooja Shukla की इस तस्वीर में हमारे असली मुद्दों का सच कितनी ख़ूबसूरती से सामने आ रहा है।
पूजा ने पढ़ाई के फ़ंड को आरएसएस के कार्यक्रमों पर बर्बाद करने का विरोध किया तो उसकी पढ़ाई ही बंद कर देने की साज़िश रच दी गई। उसे लखनऊ विश्वविद्यालय में एमए में एडमिशन ही नहीं दिया जा रहा है।
शिक्षा हिंदू को भी चाहिए और मुसलमान को भी। पिछले चार साल में सरकार ने शिक्षा के साथ दुश्मन देश जैसा व्यवहार किया है। कैंपसों को यातनाघर बना दिया गया है।
आज पूजा की भूख हड़ताल का दूसरा दिन है। विश्वविद्यालय प्रशासन की क्रूरता देखिए। लड़कियों की हिम्मत तोड़ने के लिए उसने तमाम महिला शौचालयों पर ताले लगवा दिए।
लड़ाई भाजपा और दूसरी पार्टियों के बीच की नहीं है। यह लड़ाई असभ्यता और सभ्यता के बीच की है। क्रूरता और करुणा में से अपना पक्ष चुन लीजिए।
मुझे इस बात की ख़ुशी है कि मैं लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही पूजा और सदफ़ की मित्रता सूची में शामिल हूँ। उनसे बहुत कुछ सीखा है और बहुत कुछ सीखना अभी बाकी है।
#StandWithPoojaShukla
सुयश सुप्रभ की वाल से
बहन #पूजा शुक्ला समेत अन्य छात्र छात्राओं का परीक्षा #परिणाम विश्वविद्यालय द्वारा रोका जाना #दुखद है पूजा के #संघर्ष और हर #समाज के #न्याय के लिए लड़ना उसको संघर्षी #विचारधारा से जोड़ता है आज वो #ख़ुद के लिए #लड़ रही सभी को उसके साथ आना चाहिए और जो लगातार बने हुए है उनको #धन्यवाद .
ये हैं लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रहितों के लिये संघर्षरत छात्रनेता Pooja Shukla जी। इनकी गलती है कि ये विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर छात्रहितों की रक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से हमेशा लड़ने के काम की हैं और छात्रों के पैसे से आरएसएस द्वारा आयोजित योगी जी के कार्यक्रम का विरोध की थी जिससे डर कर योगी सरकार ने इनको और इनके साथियों को 26 दिन जेल में रखा और आज जब इन्होंने PG में प्रवेश के लिए परीक्षा दी जो बिना कारण बताये इनका प्रवेश लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने रोक दिया है, कुलपति तानाशाही रूख अपनायें हुए हैं, वहीं पूजा शुक्ला सहित उनके साथियों ने जब सवाल किया तो प्रशासन ने उनकी आवाज़ को दबाने का कुत्सित प्रयास किया है, पूजा शुक्ला अपने संघर्षशील साथियों के साथ तीन दिनों से अनिश्चितक़ालीन भूख हड़ताल पर हैं, हम उनको पूर्ण समर्थन करते हुए योगी सरकार के इशारे पर नाच रहे विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलपति के अलोकतान्त्रिक, अवैधानिक और अनैतिक कृत्य की घोर ख़िलाफ़त करते हैं। तबीयत लगातार विगड़ाती जा रही है।ये सरकार लगातार महिलाओं पर अत्याचार कर रही है जिसका उदाहरण पूजा शुक्ला जी हैं।सत्ता के नशे में इतना भी अंधे न हो जाईये की आपको कुछ दिखे न नहीं तो हम छात्र यदि गांधी जी को अपना आदर्श मानते हैं तो भगत सिंह भी हमारे आदर्श हैं यदि भगत सिंह बन जायेंगे तो आपके संभालने से नहीं संभलेंगे।
छात्र एकता जिन्दावाद
जय हिन्द जय समाजवाद….
#Stand_with_PoojaRaghavendra Yadav


