आज का इतिहास (कविता) – प्रदीप अवस्थी

Trollsयह सन 2015 की बात है
देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है
नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं
उनकी या उनकी सरकार की नीतियों की आलोचना करना
देशद्रोह हो गया है
लोग सरकार और देश में फ़र्क करना भूल चुके हैं
अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को लगातार बचाया जा रहा है
पिछली सरकार कांग्रेस की थी
वे चोर थे बेचारे
चोरी करते थे,घोटाले करते थे और पकड़े जाते थे
इस्तीफ़े होते थे,सजाएँ होती थीं
अब जो सरकार है
इसे गुंडा या डकैत कुछ भी कह सकते हैं
ये पकड़े नहीं जाते और इस्तीफों का रिवाज़ ही नहीं है |

मानवता के इतिहास में यह समय यूँ दर्ज किया जाए
कि पूरा देश नए तरह के गुटों में बंट गया है
खुल्लमखुल्ला गालियों का दौर है
और विरोध प्रकट करने का सबसे आसान तरीका माँ-बहन की गालियाँ देना हो गया है |

अच्छे अच्छे भाषण देना एक कला है
और जिसको यह आता है वह जीत रहा है
किसानों को नपुंसक बताया जा रहा है
जिस देश के बड़े हिस्सों में अभी तक बिजली नहीं है
वहाँ डिजिटल युग आने वाला है
अपनी बेटियों से आप प्यार करते हैं यह बताने के लिए
फ्रंट कैमरा वाला स्मार्ट फ़ोन ज़रूरी हो गया है
देशभक्ति का मतलब पकिस्तान के खून का प्यासा होना है
स्त्री को उसकी मर्यादाएँ फिर याद दिलाई जा रही हैं
मन की बातें एकतरफ़ा हो चली हैं जहाँ कोई सिर्फ़ बोलने आता है
पर सुनने नहीं |

यह वर्तमान समय का दस्तावेज़ है
आप इसे वर्षों बाद बदलकर स्कूलों में बच्चों को कुछ और ही पढ़ाएंगे |

 

Pradeep
Pradeep Awasthi

युवा कवि और अभिनेता हैं। इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद कुछ समय नौकरी की और फिर थिएटर करने दिल्ली चले आए। तीन साल अरविंद गौड़ के अस्मिता थिएटर के साथ अभिनय किया और अब मुंबई में हैं। पिछले कुछ समय से अभिनय से भी कहीं ज़्यादा लेखन, प्रदीप अवस्थी की कविताएं ऑनलाइन धूम मचाए हुए हैं, बेहद तीखी और मारक कविताएं। प्रतिभाशाली युवा कवियों में नाम शुमार।

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