गांधी ने आज़ादी आने के वक़्त कहा था
कि अगर भारत ने आज़ादी के बाद अंग्रेज़ी विकास का माडल अपनाएगा तो उसे अपने ही लोगों से युद्ध करना पड़ेगा
अंग्रेज़ी विकास का माडल मानता है कि विकसित वही है जो ज़्यादा उपभोग करता है .
अगर आपका घर छोटा है
कपड़े कम हैं
गाड़ी छोटी है
तो आप पिछड़े हुए हैं
लेकिन सच यह है कि अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा उपभोग करेंगे
तो आप देश के ही किसी दूसरे नागरिक के हिस्से के संसाधनों पर कब्ज़ा करेंगे
दूसरे के संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिए आपको ताकत की ज़रूरत पड़ेगी
आप अपने ही देश वासी के विरुद्ध ताकत का इस्तेमाल करेंगे तो युद्ध होगा
गांधी ने कहा था
अंग्रेज़ी विकास का माडल शैतानी माडल है
इसमें से सिर्फ युद्ध निकलेगा
अँगरेज़ तो अपने विकास के लिए सारी दुनिया पर हमला करते थे
आज़ादी के बाद हम किस पर हमला करेंगे ?
गांधी ने कहा कि अगर भारत ने अंग्रेजों के विकास का माडल अपनाया तो
भारत को अपने ही नागरिकों से युद्ध करना पड़ेगा
वो युद्ध जारी है
भारत के आदिवासी इलाकों में वह युद्ध चल रहा है
क्या आपको पता है आज सबसे ज़्यादा हमारे सैन्य बल कहाँ हैं
वो आदिवासी इलाकों में हैं
वहाँ वे संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिए आदिवासियों से युद्ध करने गए हैं
आदिवासियों के जंगल , खदानें , नदियाँ छीन कर अमीर कंपनियों को दी जायेंगी
हम शहरी पढ़े लिखे लोग उन् कंपनियों में नौकरी करेंगे
हम सब देश के ताकतवर नागरिक है
इसलिए हमारे लिए भारत के सैन्य बल भारत के कमज़ोर नागरिकों से उनके संसाधन छीन लेंगे
यानि भारत की ताकतवर आबादी ने भारत की कमज़ोर आबादी के विरुद्ध युद्ध शुरू कर दिया है
इसे ही गृह युद्ध कहते हैं
भारत ने अपने ही देशवासियों के खिलाफ़ एक युद्ध शुरू कर दिया है
यही वह युद्ध है जिसकी चेतावनी गांधी ने उसी समय दे दी थी
इस शैतानी विकास के माडल ने हमारे भीतर के शैतान को निकाल कर बाहर ला दिया है
पूंजीपतियों के पैसे से चलने वाला मीडिया आपको यह सब नहीं बताएगा
लूटेरे और हत्यारे नेता भी आपको इस सब के बारे में नहीं बताएँगे
हम बताएँगे
लेकिन आप हमारी बात सुनेंगे नहीं
फिर भी हम कहते रहेंगे
हमने सच बोलने का तय किया था
