क्या-क्या न गुल खिलाये है गुजरात का लला
ओबामा को पटाये है गुजरात का लला
लक्खी सूट पे लिखे सोने से अपना नाम
फैशन नया चलाये है गुजरात का लला
हर घर को पंद्रह लाख देने का वादा था
ठेंगा मगर दिखाये है गुजरात का लला
होरी की मौत, भूमि लुटेरों की मौज हो
क़ानून बदलवाये है गुजरात का लला
जो भी बोला सच वो बरख़ास्त हो गया
अच्छे दिन दिखाये है गुजरात का लला






Bahut hi badhiya poem about PM Modi