मेरा एनकाउंटर कर के
हथियार, गोले, बारूद
किसी आतंकवादी संगठन से जुड़े सबूत
कोई पत्र, कुछ पैसे इत्यादि से मेरी लाश को सजाने से पहले
कम से में कम
मेरे शरीर के अंग दान कर देना
ताकि किसी की जान बच जाय
मेरी आँखें भी किसी नेत्रहीन को दे देना
वर्दीवालों डरो नहीं,
मरने के बाद दान की गई आँखें गवाही नहीं देंगी
आतंकवादी की उपाधि हो या भारत रत्न की
मरणोपरांत कोई फ़र्क नहीं पड़ता
~ रिज़वी
