सीएनएन – आईबीएन चैनल से तीन सौ पत्रकारों को निकाला गया . इस मीडिया घराने को कुछ समय पहले मुकेश अम्बानी ने खरीद लिया था . मुकेश अम्बानी ने कुछ ही समय पहले ई टीवी चैनल को भी खरीद लिया है .
मुकेश अम्बानी और मोदी की मिलीभगत जग जाहिर है . कुछ ही समय पहले मुकेश अम्बानी ने मोदी को खुश करने के लिये एक बकवास सी खबर उडाई थी कि साहब इन्डियन मुजहिदीन ने मुकेश अम्बानी के आफिस में आकर एक धमकी का खत दिया है .खैर लोगों ने उस खबर की खिल्ली उडाई तो उस खबर को ज्यादा नहीं बढ़ाया गया .
मुकेश अम्बानी द्वारा ई टीवी चैनल खरीदने से पहले मोदी ने गुजरात में ईटीवी को एक लाख दो हज़ार एकड़ ज़मीन कौडियों के मोल अता कर दी थी . उसके बाद मुकेश अम्बानी ने ई टीवी चैनल को खरीद लिया .
अब मुकेश अम्बानी ने सीएनएन – आईबीएन चैनल से उन्ही लोगों को निकाला है जिनके बारे में माना जाता है कि वे लोग साम्प्रदायिकता या फासीवाद के पक्ष में समझौता नहीं कर सकते थे . और जिनके मोदी के साम्प्रदायिक चुनाव प्रचार अभियान में सवाल खड़े करने की आशंका थी .
खतरनाक बात यह है कि अम्बानी की कम्पनी ने अनेकों मीडिया घरानों में बड़े पैमाने में शेयर खरीदे हैं.
मोदी को प्रधान मंत्री बनाने के लिये धन पशुओं ने अपने खजाने खोल दिये हैं .
चुनाव जीतने के बाद यही धनपशु सरकार की मदद से गाँव को आग लगवा कर ज़मीनों पर , जंगलों पर खनिजों पर कब्ज़ा करेंगे और देश के खजाने को विदेशी भट्टियों के लिये बेच कर पैसा कमाएंगे .और आज खर्च किये पैसे को कई गुना वापिस वसूलेंगे .
हमारे नौजवान इन्ही धनपशुओं और उनकी कठपुतली मोदी को अपना भविष्य निर्माता मान रहे हैं .
अरे आज देश के संसाधनों को लालच के लिये खत्म कर दिया तो आने वाली पीढियां क्या खायेंगी , कैसे जिएंगी ?
