गेहूं की बालियों
मटर के दानों
चावल की बोरियों
आलू के खेतों में
बनमिर्ची के झुरमुटों
आम के दरख्तों
जामुन की टहनियों
अमरूद के पेड़ों में
गांव की गलियों
खेतों की पगडंडियों
सड़कों के किनारों
शहरों की परिधि में
रात की चांदनी
सहर के धुंधलके
शाम की सस्ती चाय
दोपहर के सादे भोजन में
साइबरस्पेस के किसी कोने
ब्रह्मांड के किसी छोर
मित्रों-परिचितों की याद
आत्मीयों के प्यार में
मैं उन्हीं सबमें हूं
जो मेरे भीतर हैं।
