मैं तुम्हारे साथ हूं – Mayank Saxena

Mayank 5

रुत बदल जाएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं
रात भी आएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं

आंधियों से लड़ रहा हूं, एक दिए के आसरे
लौ भी बुझ जाएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं

आंख की कोरों पे टिकता एक आंसू कह रहा
रूह घबराएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं

जागते रहने की आदत अब पुरानी हो चली
नींद भटकाएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं

मेरी हिम्मत पर भरोसा, ये तु्म्हारी जीत है
हार मुस्काएगी तो क्या मैं तुम्हारे साथ हूं

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