चम्पादक कथा: ख़बर, व्यूअर, बकरा, चम्पादक और इस्तीफा…

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एबीसीडी चैनल पर मंत्री धनसल और भांजे पिंगला की कहानी चल रही थी…अचानक एक शेकिंग न्यूज़ अवतरित हुई…

और फिलहाल की सबसे बड़ी ख़बर…आप देख रहे हैं सिर्फ एबीसीडी चैनल पर…झेल मंत्री हवन कुमार धनसल ने बकरी की पूजा की है…बकरी को खिलाई है ब्रेड…आप देख सकते हैं कि इस्तीफे की मांग के बीच फंसे धनसल कैसे टोने टोटके की मदद ले रहे हैं…बकरी की पूजा कर रहे हैं…आप देख रहे हैं एक्सक्लूसिव विसुअल्स…सिर्फ एबीसीडी न्यूज़ पर…हम आपको दिखा रहे हैं कि कैसे एक कार में धनसल का भांजा इस बकरी को लेकर आया है…बकरी को डेनमार्क से मंगाई गई विशेष घास खिलाई जा रही है…हमारे सूत्रों की मानें तो इस बकरी को विशेष तौर से कलकत्ता से मंगाया गया है…जिससे कि झेलवे मंत्रालय धनसल के पास बना रहे…और देखिए किस तरह धनसल ने अपनी जेब से 1000 के नोट निकाल कर बकरी को खिला दिए हैं…

खाज तक के न्यूज़ रूम में चम्पादक दौड़ते हुए आए…ज़ोर से चिल्लाए…
“अबे…ये फुटेज देखो…सालों क्या चला रहा है एबीसीडी…अपने चम्पाददाता ने क्यो नहीं भेजी अभी
तक…बोलो साले चीपोर्टर को…कहां मरा रहा था…विजय चौक पर भेलपूरी ही खाता रहेगा क्या…”

कसाईनमेंट हेड दौड़ते हुए आए…और चीपोर्टर को फोन लगाया…
“यार, ये बॉस कह रहे हैं कि वो एबीसीडी के पास धनसल के घर के विसुअल हैं, कुछ बकरी को खिला रहा है…तुम कहां हो…”

चीपोर्टर आत्मविश्वास से बोला…”सर, धनसल के घर के बाहर ही हैं…ऐसा कुछ नहीं है हम लोग तो सारे चीपोर्टर यहीं खड़े हैं…एबीसीडी का रिपोर्टर कवि हीमैन और ओबी दोनों यहीं हैं…”

चम्पादक ये सुनकर और सकते में आ गए…चीख कर बोले…”अरे लेएनआई की फीड देखो…”

शाउटपुट हेड अचकचा कर बोले…”सर, लेकिन एबीसीडी एक्सक्लूसिव चला रहा है…एजेंसी की फीड कैसे होगी…”

चम्पादक बोले…”ये भी है…ये साले चीपोर्टर हैं ही चू#या”

शाउटपुट हेड बला कसाईनमेंट के सिर टली मान कर मुस्कुराते हुए आगे बढ़े ही थे कि एक इंटर्न (जो डेढ़ साल से इंटर्न था) चिल्ला कर बोला…
“सर…लेएनआई वाली फीड में है बकरे का शॉट…”

चम्पादक घूमे…और शाउटपुट हेड ने सामने से आती मौत देखी…भाग कर एडीटिंग मशीन पर पहुंचे…हड़बड़ी में बोले…”दिखाओ कहां है…जल्दी दिखाओ…” उनके पीछे उनका मुंहलगा प्रोड्यूसर गुटका चबाते हुए आगे बढ़ा…

चम्पादक भी दौड़ कर पहुंचे…सामने दीवार की बैरीकेटिंग के पीछे से बकरी को कुछ खिलाते और उसके सिर पर हाथ फेरते झेल मंत्री दिखे…

चम्पादक चीखे…”तुम लोग साले किसी काम के नहीं हो…एबीसीडी की ऐसी तैसी…साला एजेंसी की फुटेज एक्सक्लूसिव चला रहा है…तुम लोग यहां मरा रहे हो शाउटपुट पर…इस्तीफा ले लूंगा सबका…”

कसाईनमेंट हेड के चेहरे पर हंसी तैर गई…

“कटवाओ इसे जल्दी…एक्सकलूसिव लगा कर चलवाओ…कि मंत्री जी का टोटका…”
शाउटपुट हेड के मुंह से निकला…”सर लेकिन…बकरी पालतू लग रही है…”

चम्पादक फिर चीखे…”साले…झेलवे मिनिस्टर है…तुम्हारी तरह घसियारा नहीं है…कि बकरी पालेगा…जितना कह दिया उतना करो…”
“यार तुम लोग समझ नहीं रहे हो…कितनी ज़रूरी ख़बर है ये कि धनसल ने बकरी को खाना खिलाया…अभी नहीं चलेगी तो कितना नुकसान होगा…तुम लोग पता नहीं कब जर्नलिज़्म समझ पाओगे…”

शाउटपुट हेड जल्दी जल्दी विसुअल ट्रीट करवाने लगे…प्रोड्यूसर एंकर लिंक लिखने लगा…तब तक

चम्पादक वापस आए…
“यार ये मुझे बकरी नहीं बकरा लग रहा है…ऐसा करो…लिखो कि धनसल ने करवाया टोटका…बकरे को खाना खिलाया और पूजा की…बार लिखे…बकरी नहीं बकरा है ये…”

बुलेटिन ब्रेक से लौट आया था…
एंकर बौखलाता हुआ बोला…
“और आप देख रहे हैं इस वक्त की सबसे बड़ी ख़बर…झेल मंत्री हवन धनसल ने झेलवे घूस मामले में किया टोटका…बकरे को खिलाया खाना…जी हां…हम आपको दिखा रहे हैं एक्सक्लूसिव विसुअल…ये हैं मंत्री जी…और पास खड़ा है बकरा…जी ये बकरी नही एक बकरा था…विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि बकरा कई लाख का है…और इसे मंत्री जी की डिनर की प्लेट में जाना था…लेकिन अब ये मंत्री जी के पास है…”

चम्पादक फिर गरजे…
“यार…ये क्या है…बिना ट्रीट किए विसुअल चला दिए…लोगों को कैसे पता चलेगा कि ये बकरा है…”
शाउटपुट हेड ने कहा…”सर, एंकर बार बार कह रहा है कि ये बकरा है…मतलब टॉप बैंड और लोअर ब्रेकिंग में भी लिखा है कि बकरा…”

चम्पादक नाराज़ हो कर बोले…”अबे तुम्हारे कहने से लोग मान लेंगे, कि बकरा है…”
शाउटपुट हेड – “जी सर…फिर…”
चम्पादक हड़बड़ाहट में चिल्लाते हुए बोले, “ऐसा करो…इसके लिंग पर गोला लगवाओ…और ऐरो दिखाओ…कि ये बकरी नहीं बकरा है…”
शाउटपुट हेड – “जी सर…कहां पर…”
चम्पादक – “अबे…लिंग पर…लिंग पर…तुम्हारी पतलून के जो अंदर होता….ओह्फ्फोह…साले चू##”
शाउटपुट हेड संयत होकर बोले…”जी जी सर…समझ गया…वो पेनिस पर कह रहे हैं आप…हैं न”
चम्पादक – “अब खड़े हो कर मेरा लिं# ही देखते रहोगे या गोला लगवाओगे…”

चैनल पर विसुअल बदला…ट्रीट किया हुआ ऐरो और गोले के साथ बकरा अवतरित हुआ…
एंकर ज़्यादा जोश से बोला….”और आप देख पा रहे हैं…सिर्फ खाज तक पर कि ये एक बकरा है…हम आपको बता रहे हैं…कि ये…आप देख सकते हैं…इसका लिंग….कि ये एक बकरा था…”
चम्पादक जी खिलखिला उठे…”देखा इसे कहते हैं ख़बर का ट्रीटमेंट…कम से कम व्यूअर तक पूरी ख़बर तो पहुंचे…”

तब तक कसाईनमेंट चिल्लाया…”सर…धनसल का इस्तीफा हो गया…पैनल में एक्सपर्ट कौन से बुलाने हैं…”

चम्पादक मुड़े और मुस्कुराते हुए बोले… “विंडो में इस्तीफे के साथ बकरे के शॉट लगाओ…लिखो काम न आया टोटका…और हां पैनल में एक पंडित बुलाओ बकरे की पूजा के बारे में बात करने के लिए…एक ज्योतिषी…एक पशु अधिकार कार्यकर्ता…और चार शहरों की बकरा मंडी से चार रिपोर्टर लाइव पर खड़े करो…”

कसाईनमेंट हेड बोले…”लेकिन सर धनसल…”

चम्पादक धूर्त मुस्कुराहट से बोले…”वो तो हलाल हो गया…लेकिन बकरा तो ज़िदा है न…”

(इस कहानी का किसी जीवित और मृत व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है, अगर ऐसा होता है तो ये उसकी ख़ुद की ज़िम्मेदारी है)

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