सौराष्ट्र। मोदी के गुजरात में लोग पानी के लिए परेशान है। गुजरात के कुछ इलाकों में हालत बद से बदतर है। आलम ये है कि सूखे तालाबों में हाथों से गड्डे खोदकर पानी निकालना पड़ रहा है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। मोदी के उत्तरी गुजरात में पानी की किल्लत से लोग बेहाल हैं। मोदी के गुजरात के पाटन जिले में पानी के लिए महिलाओं को कई कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महिलाएं लंबी दूरी तयकर सूखे तालाब तक पानी की तलाश में पहुंचते हैं। तलाब में जगह जगह गड्ढे खोदे गए हैं। जहां नसीब अच्छा होने पर ही पानी मिल पाता है। लेकिन पानी इतना गंदा है कि ये पीने लाइक नहीं है। फिर भी लोग पानी की कमी के चलते गंदा पानी पीने को मजबूर हैं लोग। समी गांव में रहनेवाली भारती बेन के मुताबिक सरकार देखने तक नहीं आती है। गड्ढा खोदकर पानी लेते हैं। उसके लिए भी कई किलोमीटर चलना पड़ता है। पिछले तीन महीने से ये तकलीफ है लेकिन सरकार को फिक्र नहीं है। वहीं प्रेमी बेन के मुताबिक 3 महीने से पानी नहीं मिल रहा है। पानी की बड़ी किल्लत है। गंदा पानी पीना पड़ रहा है। जो पानी जानवर भी नहीं पी सकते हैं, वही पानी हमें पीना पड़ता है।
सौराष्ट्र, कच्छ और उत्तर गुजरात के कई गांवों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। कच्छ, पाटन और बनासकांठा के 60 फीसदी इलाकों में पानी की समस्या गंभीर हो गई है। 10-15 फीसदी इलाकों में तो 10 दिन में एक बार लोगों को पानी का दीदार होता है। करीब 4 हजार गांव पानी की किल्लत और सूखे से जूझ रहे हैं। पालनपुर के सरपंच कालू भाई के मुताबिक पहले लाइन से पानी मिलता था, कुछ समय शुरुआत में मिला उसके बाद कई महीने से नहीं मिल रहा है। अब तालाब में जाकर कुआं और गड्ढा खोद कर पानी निकालना पड़ता है, जो पानी जानवर भी नहीं पी सकते वो पानी हमें पीना पड़ रहा है।
मोदी सरकार ने उत्तरी गुजरात में नर्मदा का पानी देने का वादा किया। गुजरात सरकार भी मान रही है की हालात खराब हैं, लेकिन लेकिन नई कोशिश की बजाय वो बारिश होने का इंतजार कर रही है। गुजरात सरकार के प्रवक्ता नितिन पटेल के मुताबिक उत्तरी गुजरात में सब जगह से नहर नहीं निकलती है। मेहसाणा और साबरकांठा का कुछ इलाका कनाल से कवर होता है। पानी पहुंचने के लिए सुजलाम सुफलाम योजना हमने बनाई है। लेकिन बारिश होने पर गांवों को पानी मिल सकता है। गुजरात का गुणगान करते हुए मोदी लगातार पीएम पद के लिए अपनी फील्डिंग में जुटे हैं। जगह जगह जाकर भाषण दे रहे हैं और बात बात पर गुजरात की दुहाई दे रहे हैं।लेकिन शायद मोदी को अपने विकसित गुजरात का ये सच ही नहीं पता है। बड़े बड़े विकास का दावा करने वाले मोदी के गुजरात में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
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